
वाशिंगटन : डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन संकट पर अपने रुख में बड़ा बदलाव करते हुए तत्काल युद्धविराम की मांग छोड़कर अब एक पूर्ण शांति समझौते (Peace Deal) की दिशा में आगे बढ़ने का फैसला किया है। यह घोषणा अलास्का में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ हुई बैठक के कुछ ही घंटों बाद की गई। हालांकि इस बैठक से कोई ठोस नतीजा नहीं निकला, लेकिन अमेरिकी और यूरोपीय राजनीति में यह कदम बेहद अहम माना जा रहा है।
युद्धविराम नहीं, शांति समझौता
ट्रंप ने वाशिंगटन लौटते समय यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की और यूरोपीय नेताओं से बातचीत की और बाद में कहा:
“इस भयानक युद्ध को समाप्त करने का सबसे अच्छा तरीका सीधे तौर पर शांति समझौता है, न कि अस्थायी युद्धविराम।”
ट्रंप ने अपने Truth Social प्लेटफॉर्म पर लिखा कि युद्धविराम समझौते अक्सर लंबे समय तक टिकते नहीं हैं। सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने पुतिन के प्रस्ताव का समर्थन किया है, जिसके तहत रूस डोनबास (Donbas) पर नियंत्रण चाहता है, जबकि दक्षिणी यूक्रेन में अपने हमलों को सीमित करने पर सहमत हो सकता है।
डोनबास विवाद: पुतिन बनाम जेलेंस्की
- रूस की मांग: डोनबास क्षेत्र (डोनेट्स्क और लुहान्स्क) पर पूर्ण नियंत्रण।
- यूक्रेन का रुख: डोनबास छोड़ने से सख्त इनकार।
- पुतिन का सौदा: बदले में रूस खेरसॉन और जापोरिझझिया क्षेत्रों में सैन्य अभियान रोक सकता है।
हालांकि, 2022 में रूस ने इन चारों क्षेत्रों पर कब्जे का दावा किया था, लेकिन अभी तक किसी पर भी पूर्ण नियंत्रण नहीं पा सका है।
यूरोपीय नेताओं की प्रतिक्रिया
- जर्मनी: चांसलर फ्रेडरिक मेर्ज ने अमेरिकी सुरक्षा गारंटी को “महत्वपूर्ण प्रगति” बताया।
- यूरोपीय संघ: शीर्ष राजनयिक काजा कल्लास ने शिखर सम्मेलन की आलोचना करते हुए कहा कि रूस का युद्ध खत्म करने का कोई इरादा नहीं है और यह सिर्फ समय खरीदने की रणनीति है।
- फ्रांस-ब्रिटेन-जर्मनी: इन देशों ने ट्रंप-पुतिन-जेलेंस्की शिखर सम्मेलन का स्वागत तो किया, लेकिन चेताया कि जब तक “न्यायपूर्ण और स्थायी शांति” नहीं होती, रूस पर दबाव और प्रतिबंध जारी रहेंगे।
जेलेंस्की की अहम वाशिंगटन यात्रा
यूक्रेनी राष्ट्रपति सोमवार को व्हाइट हाउस पहुंचेंगे। इस बैठक में कुछ यूरोपीय नेताओं को भी शामिल होने का निमंत्रण दिया गया है।
- पिछली यात्रा (फरवरी) में ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने जेलेंस्की को अमेरिकी मदद के लिए पर्याप्त आभार न जताने पर फटकार लगाई थी।
- इस बार वार्ता का केंद्र बिंदु शांति समझौते की संभावनाएं होंगी।
जेलेंस्की ने कहा कि वह “हत्या और युद्ध को समाप्त करने से जुड़े सभी विवरणों” पर चर्चा करने के लिए उत्सुक हैं।
ट्रंप बोले- अब जिम्मेदारी जेलेंस्की की
फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा:
“अब शांति समझौते की जिम्मेदारी राष्ट्रपति जेलेंस्की पर है। यूरोपीय राष्ट्रों को भी इसमें योगदान देना होगा, लेकिन अंतिम निर्णय उन्हीं पर निर्भर करेगा।”
युद्ध जारी, दबाव भी जारी
इस बीच, युद्ध का मैदान शांत नहीं हुआ है।
- कीव ने दावा किया कि रूस ने शनिवार को रातभर में 85 ड्रोन और एक बैलिस्टिक मिसाइल दागी।
- पुतिन ने ट्रंप के साथ हुई मुलाकात को “समय पर और बहुत उपयोगी” बताया और कहा कि यह आवश्यक फैसलों के करीब लाती है।
“ट्रंप का युद्धविराम से सीधे शांति समझौते की ओर बढ़ना कूटनीतिक रूप से बड़ा बदलाव है। यह पुतिन की रणनीति को बल देता दिख रहा है, जबकि यूक्रेन और यूरोप इसे समय खरीदने की चाल बता रहे हैं। अब सारी निगाहें सोमवार को होने वाली ट्रंप-जेलेंस्की मुलाकात पर टिकी हैं, जो युद्ध की दिशा तय कर सकती है।”




