Vande Bharat : अब भारत में भी आ गई जापान की ये टेक्नोलॉजी, कुछ ही मिनटों में कर देगी पूरे ट्रेन की सफाई

नई दिल्ली – Vande Bharat : भारतीय रेलवे एक अक्टूबर से ट्रेन की तेज गति से सफाई के लिए “चमत्कारिक 14 मिनट” की अवधारणा अपना रहा है और इसकी शुरुआत 29 वंदे भारत ट्रेन से देशभर में स्थित उनसे संबंधित गंतव्य स्टेशनों से होगी। इसकी औपचारिक शुरुआत रेल मंत्री अश्विनी वैष्वण दिल्ली कैंट रेलवे स्टेशन से करेंगे। दिल्ली कैंट के अलावा जिन अन्य रेलवे स्टेशन पर इसे शुरू किया जाएगा उनमें वाराणसी, गांधीनगर, मैसुरु और नागपुर शामिल हैं।
जापान से है इंस्पायर्ड
यह पहल जापान के ओसाका, टोक्यो आदि जैसे विभिन्न स्टेशनों पर “चमत्कारिक 7 मिनट” की अवधारणा पर आधारित है, जहां सभी बुलेट ट्रेन को सात मिनट के भीतर साफ करके दूसरी यात्रा के लिए तैयार किया जाता है। मंत्री ने कहा कि इस गतिविधि में पहले से लगे अग्रिम पंक्ति के कार्यबल की संख्या में वृद्धि किए बिना सफाई कर्मियों की दक्षता, कौशल और कामकाजी रवैये को बढ़ाकर यह सेवा संभव बनाई गई है।
अश्विनी वैष्वण का बड़ा बयान
केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्वण मंत्री ने कहा, “इस अवधारणा की शुरुआत करने से पहले रेलवे ने कुछ अभ्यास ड्राई रन (Dry Run) किए जिसके तहत पहले ट्रेन को लगभग 28 मिनट में साफ किया और फिर सुधार करके इस समय को कम करके 18 मिनट किया.अब बिना किसी नई तकनीक को शामिल किए ट्रेन की सफाई में केवल 14 मिनट लगेंगे,” मंत्री ने कहा कि बाद में धीरे-धीरे इस अवधराणा को अन्य ट्रेन में भी शामिल किया जाएगा। भारतीय रेलवे ने सितंबर में एक पखवाड़े तक चलने वाला ‘स्वच्छता ही सेवा अभियान शुरू किया है, जिसके तहत रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) ने नई दिल्ली स्थित रेल भवन से वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से रेलवे अधिकारियों को स्वच्छता की शपथ दिलाई।
वंदे भारत का संचालन 50 से अधिक मार्गों पर
भारतीय रेलवे 25 विभिन्न मार्गों पर 50 से अधिक वंदे भारत ट्रेनों का संचालन कर रहा है। वंदे भारत एक्सप्रेस (Vande Bharat Express) ट्रेनें भारतीय रेलवे नेटवर्क (IRN) पर यात्रा के लिए नए युग की आधुनिक ट्रेन सेट के रूप में उभरी हैं। इसके अलावा, भारतीय रेलवे लंबी दूरी के यात्रियों के लिए स्लीपर क्लास वाली वंदे भारत ट्रेन भी विकसित कर रहा है। चेन्नई में इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) आने वाले वर्ष में एक प्रोटोटाइप लॉन्च करने की योजना बना रही है। इसके अलावा, रूस के TMH और भारत के RVNL ने 120 स्लीपर वेरिएंट के निर्माण के लिए एक समझौते पर भी हस्ताक्षर किए हैं और 80 और बीएचईएल-टीटागढ़ रेल सिस्टम्स कंसोर्टियम द्वारा बनाए जाएंगे।




