Supreme Court : एसिड अटैक पीड़ितों को नौकरी या गुजारा भत्ता देने पर नीति बनाएं, सुप्रीम कोर्ट का केंद्र और राज्यों को निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एसिड अटैक पीड़ितों के पुनर्वास के लिए सरकारें ठोस कदम उठाएं और रोजगार या गुजारा भत्ता देने की स्पष्ट नीति तैयार करें।

Acid Attack Victims Policy : देश की सर्वोच्च अदालत Supreme Court of India ने एसिड अटैक पीड़ितों के पुनर्वास को लेकर केंद्र और राज्यों को अहम निर्देश दिए हैं। अदालत ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा है कि वे तेजाब हमले के पीड़ितों को सरकारी नौकरी देने के लिए स्पष्ट नीति तैयार करें।
रोजगार नहीं तो गुजारा भत्ता देने की योजना
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि अगर किसी कारणवश एसिड अटैक पीड़ितों को सरकारी नौकरी देना संभव नहीं हो, तो उनके लिए जीवन निर्वाह भत्ता (Subsistence Allowance) या गुजारा भत्ता देने की योजना बनाई जाए। अदालत का कहना है कि पीड़ितों को सम्मानजनक जीवन जीने के लिए आर्थिक सुरक्षा मिलनी चाहिए।
पुनर्वास पर जोर
अदालत ने कहा कि एसिड अटैक पीड़ितों के पुनर्वास की जिम्मेदारी सरकार की है। इसके लिए राज्यों को ऐसी नीतियां बनानी चाहिए जिससे पीड़ितों को चिकित्सा सहायता, आर्थिक मदद और रोजगार के अवसर मिल सकें।
राज्यों और केंद्र से मांगी रिपोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकारों से इस दिशा में उठाए गए कदमों की जानकारी भी मांगी है। अदालत ने कहा कि सभी राज्य जल्द से जल्द नीति तैयार कर पीड़ितों के पुनर्वास को प्राथमिकता दें।
पीड़ितों के अधिकारों पर जोर
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि एसिड अटैक पीड़ितों को समाज में सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अधिकार है। इसलिए सरकारों को उनकी मदद के लिए ठोस और प्रभावी योजनाएं बनानी चाहिए।




