
नई दिल्ली – Raghav Chadha moves to SC: आम आदमी पार्टी से राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर अपने निलंबन को चुनौती दी है। राघव चड्ढा को संसद के मानसून सत्र के दौरान दिल्ली सेवा विधेयक पर चर्चा के दौरान निलंबित कर दिया गया था। राघव चड्ढा पर लगे आरोपों की संसद की विशेषाधिकार समिति जांच कर रही है।
इससे पहले आम आदमी पार्टी से सांसद संजय सिंह को भी राज्यसभा से निलंबित कर दिया गया था। संजय सिंह के निलंबन को और आगे बढ़ा दिया गया है। सत्र के दौरान पांच सांसदों ने दावा किया था की दिल्ली सेवा विधेयक को उनकी सहमति के बिना सेलेक्ट कमेटी को भेजने के प्रस्ताव पर उनके नाम का उल्लेख किया गया था।
निलंबन के फैसले पर राघव चड्डा ने उठाया था सवाल
राज्यसभा से निलंबित किए जाने के बाद राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने बीजेपी पर जमकर हमला बोला था। उन्होंने कहा था कि उनकी गलती केवल इतनी है कि उन्होंने देश की सबसे बड़ी पार्टी बीजेपी के नेताओं से सदन में खड़े होकर सवाल पूछा था। उन्होंने कहा था कि दिल्ली सेवा बिल पर सवाल पूछना क्या अपराध है?
‘सदन में विपक्ष को बोलने नहीं दिया जाता’
राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने आरोप लगाया था कि सदन में विपक्ष को बोलने नहीं दिया जाता। सदन में विपक्ष के नेता जब बोलने उठे तो उनका माइक बंद कर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि विशेषाधिकार समिति के सामने मैं अपनी बात रखूंगा।
बंगला विवाद पर दिया बयान
वहीं आप सांसद राघव चड्ढा ने बंगला विवाद मामले पर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि द्वेष की भावना से भाजपा के कहने पर मुझसे घर छीनने की कार्रवाई चल रही है। चार कमरे का यह घर छीनने की भाजपा की कार्रवाई पर देशभर से लोग मुझे प्यार दे रहे हैं और इस प्रकरण से लोगों के दिल में मेरी स्थायी जगह बन गई है।
‘पहले संसद से निकाला फिर घर से निकाला जा रहा है’
यह निवास स्थान राज्यसभा सचिवालय से मुझे मिला है जैसे सभी सांसदों को मिलता है। पहले मुझे संसद से निकाला गया फिर घर से निकाला जा रहा है, लेकिन भाजपा क्या मुझे लोगों के दिलों से निकाल पाएगी। यह लड़ाई घर बचाने की नहीं, देश बचाने की है। अब लोकतंत्र के लिए जो खतरा पैदा हुआ है, उसके लिए हमें अंत तक लड़ाई लड़नी है। इस लड़ाई में मैं एक नही, ऐसे सौ घर क़ुर्बान करूंगा लेकिन सस्पेंशन से लेकर घर तक की लड़ाई लड़ूंगा।




