
नई दिल्ली – Women Reservation Bill : नए संसद भवन में आज पहले दिन की कार्यवाही में महिला आरक्षण बिल को लेकर चर्चा हुई। पीएम नरेन्द्र मोदी ने अपने संबोधन में महिला आरक्षण बिल की पुरजोर वकालत की। पीएम मोदी के भाषण के बाद कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने महिला आरक्षण बिल को लोकसभा में पेश किया।
मुस्लिमों के लिए कोई कोटा नहीं: ओवैसी
महिला आरक्षण विधेयक पर लोकसभा में आईएमआईएम (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि आप किसे प्रतिनिधित्व दे रहे हैं? जिनका प्रतिनिधित्व नहीं है उन्हें प्रतिनिधित्व दिया जाना चाहिए। इस विधेयक में बड़ी खामी यह है कि इसमें मुस्लिमों के लिए कोई कोटा नहीं है। इसलिए हम इस बिल के खिलाफ हैं।”
ओवैसी ने कही ये बात
ओवैसी ने कहा, ”आप किसे नुमाइंदगी दे रहे हैं? जिनका प्रतिनिधित्व नहीं है। उन्हें प्रतिनिधित्व दिया जाए। इस बिल में बड़ी खामी यह है कि इसमें मुस्लिम औरतों के लिए कोई कोटा नहीं है। इस वजह से हम इसके खिलाफ हैं।”
15 साल के लिए मिलेगा लाभ
महिला आरक्षण बिल (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) में लोकसभा और विधानसभा में 33 फीसदी सीटे औरतों के लिए आरक्षित करने का प्रवधान है। इस वक्त लोकसभा में 82 औरत सदस्य हैं। बिल पास होने के बाद लोकसभा में औरत सदस्यों के लिए 181 सीटें महिलाओं के लिए रिजर्व हो जाएंगी। इस बिल के तहत महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा में 15 साल के लिए आरक्षण मिलेगा।
SC-ST महिलाओं को अलग से नहीं मिलेगा आरक्षण
वहीं इस बिल में SC-ST महिलाओं को अलग से आरक्षण नहीं मिलेगा। लोकसभा और विधानसभाओं में जितनी सीटें SC-ST वर्ग के लिए आरक्षित है, उन्हीं में से 33 फीसदी सीटे महिलाओं के लिए होगी।
OBC के उम्मीदवार नहीं लड़ सकते हैं चुनाव
इस बिल के तहत लोकसभा में OBC वर्ग के लिए आरक्षण की व्यवस्था नहीं है। SC-ST की आरक्षित सीटों को हटा देने के बाद लोकसभा में 412 सीटें बचेगी। इन सीटों पर सामान्य वर्ग के साथ-साथ OBC के उम्मीदवार भी लड़ सकते हैं। इसके तहत 137 सीटें सामान्य वर्ग और ओबीसी वर्ग की औरतों के लिए होंगी।




