
लखनऊ – सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने रविवार को ब्राह्मण समाज और हिंदू धर्म को लेकर विवादित ट्वीट किया। उन्होंने लिखा- ब्राह्मणवाद की जड़ें बहुत गहरी हैं और सारी विषमता का कारण भी ब्राह्मणवाद ही है। हिंदू नाम का कोई धर्म है ही नहीं। हिंदू धर्म केवल धोखा है। जूता कांड के बाद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव स्वामी प्रसाद मौर्य एक बार फिर चर्चा में हैं। स्वामी प्रसाद मौर्य ने हिंदू धर्म को लेकर बड़ा बयान दिया है। सपा नेता मौर्य ने एक्स (पहले ट्विटर) पर एक वीडियो शेयर कर लिखा है कि हिंदू कोई धर्म नहीं बल्कि धोखा है। स्वामी प्रसाद मौर्य के इस बयान पर अब बवाल हो रहा है। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) ने मौर्य पर पलवार किया है। इतना ही नहीं मौर्य के खिलाफ दिल्ली पुलिस में शिकायत भी की गई है।
स्वामी प्रसाद मौर्या ने X पर लिखा है,
”ब्राह्मणवाद की जड़े बहुत गहरी है और सारी विषमता का कारण भी ब्राह्मणवाद ही है। हिंदू नाम का कोई धर्म है ही नहीं, हिंदू धर्म केवल धोखा है। सही मायने में जो ब्राह्मण धर्म है, उसी ब्राह्मण धर्म को हिंदू धर्म कहकर के इस देश के दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों को अपने धर्म के मकड़जाल में फंसाने की एक साजिश है। अगर हिंदू धर्म होता तो आदिवासियों का भी सम्मान होता, दलितों का भी सम्मान होता, पिछड़ों का भी सम्मान होता, लेकिन क्या विडंबना है।
बहुजन समाज का सोशल मीडिया ब्राह्मणवाद पर भारी
राजधानी लखनऊ में अर्जक संघ के संस्थापक महामना रामस्वरूप वर्मा की जयंती शताब्दी समारोह को संबोधित करते हुए स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा, ”मैं सोशल मीडिया से जुड़े हुए नौजवानों को भी इस बात के लिए बधाई देना चाहता हूं कि जब मैंने सम्मान-स्वाभिमान की बात को छेड़ी, जब मैंने ब्राह्मणवाद पर चोट किया, जब ब्राह्मणवादी ताकतों की चूले हिली तो उसमें बहुजन समाज का सोशल मीडिया ब्राह्मणवाद के सोशल मीडिया पर भारी पड़ गया। जिस कारण आज भी गांव-गली, चट्टी-चौराहे, चाय की दुकान से लेकर सचिवालय और विश्वविद्यालय तक चर्चा चल रही है, यह एक शुभ संकेत है।
हिंदुओं के खिलाफ बोलने पर सुप्रीम कोर्ट के वकील विनीत जिंदल ने दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल में शिकायत दी है। उनके खिलाफ आईपीसी की धारा 153A,295A,298,505 के तहत मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई है।
अखिलेश को हिंदुओं से बहुत नफरत- सुभासपा
मौर्य के बयान पर सुभासपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अरुण राजभर ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा है, ”स्वामी प्रसाद मौर्य लगातार हिंदू धर्म और उनके देवी देवताओं पर सवाल खड़े कर रहे हैं। इससे साफ जाहिर है कि समाजवादी पार्टी को हिंदुओं से बहुत नफरत है। सपा नेता जब इस तरह की बात करते हैं तो वह अखिलेश यादव की ओर से किए गए कुकर्मों को भूल जाते हैं। अगर ब्राह्मणवाद की जड़े इतनी गहरी थी तो अखिलेश भगवान पशुराम की मूर्ति लगाने क्यों पहुंच गए थे।
इस्तीफा दें सपा के ब्राह्मण नेता- सुभासपा
उन्होंने कहा, ”मौर्या राम चरित मानस, बद्रीनाथ, केदारनाथ और काशी विश्वनाथ पर लगातार सवाल खड़े कर रहे हैं। अब अखिलेश को जवाब देना चाहिए कि आपको ब्राह्मणों और हिंदुओं से इनती नफरत क्यों है? अब सपा में जितने भी ब्राह्मण उन सभी को इस्तीफा देकर एनडीए में शामिल हो जाना चाहिए।
स्वामी के बयान पर डिंपल यादव का डैमेज कंट्रोल
स्वामी प्रसाद के बयान के बाद सपा की सांसद डिंपल यादव ने डैमेज कंट्रोल की कोशिश की। उन्होंने कहा- सनातन धर्म का कोई दुश्मन नहीं है। लिहाजा 2024 में हर धर्म के लोग I.N.D.I.A गठबंधन को वोट करेंगे।
BJP प्रवक्ता बोले- समाज में द्वेष पैदा करने के लिए दिया गया बयान
स्वामी प्रसाद मौर्य के इस बयान के बाद प्रदेश की सियासत फिर गरमा गई है। इस पर BJP प्रवक्ता हरिश्चंद्र श्रीवास्तव ने कहा- स्वामी प्रसाद मौर्य के द्वारा किया गया यह ट्वीट सिर्फ समाज में द्वेष पैदा करने के लिए किया गया है। राजनीति का बहुत ही गिरा हुआ स्तर है। जहां तक बात ब्राह्मण समाज की रही तो आदि शंकराचार्य ने सनातन धर्म के बारे में दुनिया को अवगत कराया। इसमें ब्राह्मणों का अभूतपूर्व योगदान रहा है। स्वामी प्रसाद मौर्य सिर्फ इस तरह के बयान देकर अगड़ा बनाम पिछड़ा करना चाहते हैं।
सपा नेता आईपी सिंह बोले- धार्मिक मुद्दों पर बोलने से बचना चाहिए
आजमगढ़ से सपा नेता आईपी सिंह ने स्वामी प्रसाद मौर्य के बयान का विरोध किया है। उन्होंने कहा, “धार्मिक मुद्दों पर हर दिन बोलने से बचना चाहिए। आपने वर्षो पहले बौद्ध धर्म स्वीकार कर लिया था। इसका यह मतलब कत्तई नहीं कि आप हिंदू धर्म की लगातार आलोचना करें।” उन्होंने कहा, “आप 5 वर्ष बीजेपी में रहते हुए ये मुद्दे नहीं उठाये। आपके ऐसे विचारों से पार्टी हरगिज सहमत नहीं हो सकती ये आपके निजी विचार हो सकते हैं। जातीय जनगणना पर लड़िये, आरक्षण का हक मार रही बीजेपी सरकार उस पर लड़िये। PDA की लड़ाई लड़िये। अति पिछड़े वर्ग, अति दलित वर्ग की लड़ाई लड़िये। BHU में पिछड़े वर्ग के छात्रों को छात्रावास मिले उसकी लड़ाई लड़िये।”




