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6 अगस्त ISRO के लिए हुआ बेहद खास चंद्रयान-3 चांद की चौखट पर कदम रखते ही भेजा पहला संदेश

इसरो के लिए आज का दिन 6 अगस्त बहुस खास दिन है क्योंकि इसरो का अभियान चंद्रयान-3 अपने मिशन की ओर सफलता की सीढियां बढ़ा रहा है। जानकारी के मुताबिक भारत का तीसरा मानवरहित चंद्रयान-3 पृथ्वी की कक्षा से निकल चंद्रमा की कक्षा में पहुंच गया है और चंद्रयान-3 ने जैसे ही चांद की चौखट पर पहला कदम रखा उसने धरती पर इसरो सेंटर को सबसे पहले संदेश भेजा ‘मैं चंद्रमा का गुरुत्वाकर्षण महसूस कर रहा हू’। चंद्रयान-3 को बिना किसी गड़बड़ी के चांद के करीब लाने वाली जरुरी प्रक्रिया बेंगलुरु स्थित अंतरिक्ष इकाई से किए जाने के बाद यान ने इसरो को यह संदेश भेजा है।

चंद्रयान 3 चांद की कक्षा में सफलतापूर्वक पहुंचने पर स्पेस मिनिस्टर जितेंद्र सिंह ने किया ट्वीट

चंद्रयान-3 को आज 22 दिन पहले चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरने के लिए लॉन्च किया गया था, जहां अब तक कोई भी देश नहीं पहुंच सका है। इसरो की इस उपलब्धि की तारीफ करते हुए स्पेस मिनिस्टर जितेंद्र सिंह ने ट्वीट किया, ‘चंद्रयान 3 चांद की कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित हो गया है। आने वाले दिनों में इसे चांद से 100 किलोमीटर की दूरी तक उतारा जाएगा। यात्रा बिना किसी बाधा के जारी है और चांद करीब आ रहा है और ज्यादा करीब।

23 अगस्त को होगा चंद्रमा की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग

न्यूज एजेंसी PTI ने इसरो के सूत्रों के हवाले से बताया है कि चंद्रयान 3 को चंद्रमा के करीब लाने के लिए अभी और चार प्रक्रियाएं होनी हैं। रविवार को कक्षा में शामिल करने की प्रक्रिया के बाद 17 अगस्त तक तीन और प्रक्रिया होंगी जिसके बाद लैंडिंग मॉड्यूल, जिसमें लैंडर और रोवर शामिल हैं, प्रपल्शन मॉड्यूल से अलग हो जाएगा। इसके बाद चंद्रमा पर अंतिम लैंडिंग से पहले लैंडर पर ‘डी-ऑर्बिटिंग’ प्रक्रिया होगी। इसरो के मुताबिक यह 23 अगस्त को चंद्रमा की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग का प्रयास करेगा।

चंद्रयान-3 के लिए 600 करोड़ हुए खर्च

जानकारी है कि भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी ने बताया कि इस मिशन के लिए 600 करोड़ रुपये खर्च किए गए है। यान का चंद्रमा की कक्षा में सफलतापूर्वक पहुंचना इसरो के अंतरिक्ष के मिशन के लिए मील का पत्थर साबित हुआ।

मिशन पूरा करने 18 दिन और तय करना है सफर

चंद्रयान-3 को अपना मिशन को पूरा करने में लगभग 18 दिन बचे हैं और यह बेहद चुनौतीपूर्ण भी है। बता दें चंद्रयान-3 को 14 जुलाई को प्रक्षेपित किया गया था और तब से लेकर यह चंद्रमा की करीब दो-तिहाई से ज्यादा की दूरी तय कर चुका है। प्रक्षेपण के बाद से 3 हफ्तों में ISRO चंद्रयान-3 को पृथ्वी से दूर चंद्रमा की कक्षा की तरफ उठाने का कार्य कर रहा था। इसके बाद एक अगस्त को एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया में यान को पृथ्वी की कक्षा से चंद्रमा की ओर सफलतापूर्वक भेजा गया। इस प्रक्रिया के बाद चंद्रयान-3 ने पृथ्वी से दूर उस पथ पर जाना शुरू कर दिया जो इसे चंद्रमा के आसपास ले जाएगा।

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