नई दिल्ली

G-20 के बाद क्या होगा ‘भारत मंडपम’ का, जाने कौन-कौन कर सकता है इसकी बुकिंग?

नई दिल्ली – राजधानी दिल्ली में पिछले दिनों जी-20 शिखर सम्मेलन आयोजित हुआ था, इसके लिए दिल्ली को दुल्हन की तरह सजाया गया था। साथ ही जी-20 समिट राजधानी दिल्ली के प्रगति मैदान में बनाए गए कन्वेंशन सेंटर में हुआ, जिसे भारत मंडपम नाम दिया गया। इसलिए जी-20 के लिए काफी भव्य तैयारियां भी की गईं थीं और इसलिए जी-20 समिट की शानदार तस्वितें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुईं है। लेकिन अब सवाल ये है कि भारत मंडपम का क्या होगा? 

कई एकड़ में फैला हुआ कन्वेंशन सेंटर 

दिल्ली के प्रगति मैदान में दुनियाभर के ट्रेड फेस्टिवल आयोजित होते हैं। बता दें कि करीब पिछले चार सालों से इसका पूरा नवीकरण किया जा रहा था, साथ ही जी-20 समिट के लिए ही तैयार किया गया. यहां के कन्वेंशन सेंटर को भी भव्य रूप दिया गया था और कई एकड़ में फैले हुआ कन्वेंशन सेंटर में अलग-अलग तरह की नई बिल्डिंग बनाई गईं। आपक बता दें कि भारत मंडपम दुनिया के सबसे बड़े कन्वेंशन सेंटर्स में से एक है।

भारत मंडपम में आगे क्या होंगा ?

अब सवाल पर आते हैं कि जी-20 के बाद आखिर भारत मंडपम का क्या होगा। ये पहले इंटरनेशनल एग्जिबिशन कम कन्वेंशन सेंटर के नाम से जाना जाता था, जिसे बाद में इसे भारत मंडपम का नाम दिया गया। बता दें कि यहां पर देश दुनिया के कई तरह के इवेंट हो सकते हैं। जैसे बड़ी कॉर्पोरेट कंपनियों को इवेंट या फिर कोई बुक फेयर… अब हर तरह के इवेंट भारत मंडपम में कन्वेंशन सेंटर में हो सकते है। साथ ही सरकार के भी कई बड़े इवेंट्स यहां हो सकते हैं। आपको बता दें कि जैसे प्राइवेट सेक्टर्स फीस देकर इसे बुक कर सकते है, वैसे ही सरकार को भी उतनी ही फीस देकर इसे बुक कराना होगा।

इंडियन ट्रे़ड प्रमोशन ऑर्गेनाइजेशन (ITPO) के तहत ये भारत मंडपम आता है, इसी के जरिए इस कन्वेंशन सेंटर को बुक कराया जा सकता है। यहां तक की कई तरह के हॉल बनाए गए हैं, जहां हजारों लोग एक साथ बैठ सकते हैं और 5 हजार से ज्यादा गाड़ियां पार्क हो सकती हैं। सभी को भव्य तरीके से तैयार किया गया है।

भारत मंडपम’ में कैसी है सुविधाएं?
‘भारत मंडपम’ अपने आप में काफी अनोखा है। इसे शंख के आकार में बनाया गया है। ये पूरे 123 एकड़ में फैला है, जो फुटबाल के 26 स्टेडियम के बराबर है। इसमें 24 मीटिंग रूम, 27 हॉल हैं. मल्टीपर्पस हॉल में 4 हजार लोगों की क्षमता है। प्लेनरी हॉल में 3 हजार लोगों के एक साथ बैठने की क्षमता है। इसके एम्फीथिएटर में एक साथ 4 हजार लोग बैठ सकते हैं। जबकि दो ऑडिटोरियम में 600 और 900 लोग बैठ सकते हैं। यहां 5500 गाड़ियां पार्क की जा सकती हैं। G20 समिट के बाद अब यहां से कुछ चीजों को हटाया जाएगा। हालांकि, मंडपम के सामने लगी नटराज की प्रतिमा लगी रहेगी।

फर्स्ट लेवल पर प्रधानमंत्री के बैठने की व्यवस्था
भारत मंडपम का डिजाइन इलिप्टिकल यानी अंडाकार रखा गया है। बाहर से देखने पर ये घुमावदार दिखाई देता है। इसकी ऊंचाई 35 मीटर है। फर्स्ट लेवल पर प्रधानमंत्री के बैठने की व्यवस्था है। ये 6 मीटर ऊंचा है। PM लाउंज, बाइलैट्रल लाउंज और मीटिंग रूम बना है। मीटिंग रूम की कैपेसिटी 600 लोगों की है। इसमें 50 और 100 लोगों की कैपेसिटी वाला मीटिंग रूम भी बनाया गया है।

चौथे फ्लोर से राष्ट्रपति भवन और संसद भवन दिखता है
चौथे फ्लोर को विंडो टु दिल्ली कहते हैं। इस फ्लोर से कर्तव्य पथ के साथ इंडिया गेट और राष्ट्रपति भवन के सभी गुंबद नजर आते हैं। भारत मंडपम के पीछे बनी बिल्डिंग में किचन है। इसमें एक बार में 10 हजार लोगों के लिए खाना बनाया जा सकता है।

चेक रिपब्लिक से मंगाया गया झूमर,और भदोही से कालीन
भारत मंडपम के आर्किटेक्ट संजय सिंह हैं, जो ARCOP Associates PVT LTD के डायरेक्टर हैं। ARCOP ने इसे सिंगापुर की एडास के साथ मिलकर तैयार किया है। इस प्रोजेक्ट की शुरुआत 2016 में की गई थी। 2023 में बनकर ये तैयार हुआ। इसे बनाने में 2700 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। ‘भारत मंडपम’ की सजावट में हर राज्य के आर्टवर्क का इस्तेमाल हुआ है। इसमें 15 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। समिट हॉल में लगे झूमर को चेक रिपब्लिक से मंगाया गया है। भारत मंडपम में कश्मीर और भदोही (यूपी) के कालीन लगाए गए हैं।

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