Lucknow: जाली नोट छापने वाले गिरोह का पुलिस ने किया भंडाफोड़, पांच जालसाज गिरफ्तार

लखनऊ – उत्तर प्रदेश के लखनऊ से हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। जहां शातिर किस्म के पांच लोग प्रिंटर से नकली नोट छापकर बाजार में धड़ल्ले से चला रहे थे। लखनऊ पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। नकली नोट छापने वाले गैंग में शामिल पांच लोगों को पुलिस ने पकड़ा है। इस अवैध धंधे में पकड़े गए आरोपी कई दिनों से नकली नोट बाजार में चलाकर लोगों को चुना लगा रहे थे। जी हाँ, लखनऊ पुलिस के हांथों एक बहुत बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने नकली नोट छापने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। राजधानी लखनऊ में जाली नोट छापने का गोरखधंधा काफी दिनों से चल रहा था। पुलिस ने गिरोह के मंसूबों पर पानी फेरते हुए राजधानी लखनऊ में जाली नोट छापने वाले गिरोह का भंडाफोड़ हो गया है। डीसीपी नॉर्थ की क्राइम ब्रांच व मड़ियांव थाने की पुलिस ने संयुक्त ऑपरेशन कर गिरोह का पर्दाफाश किया है। नोट छापने का का सरगना दिल्ली व बाराबंकी का बताए जा रहे है।
20 हजार जाली नोट के बदले देते थे एक लाख रुपये
लखनऊ पुलिस ने नकली नोट छापकर बेचने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। लखनऊ पुलिस के मुताबिक नकली नोट छापने वाले गिरोह के सदस्य आस-पास के जिलों में नोटो के बदलने का काम करते है। गिरोह के लोग 20 हजार असली रुपए लेकर 1 लाख के नकली नोट देते थे। डीसीपी नॉर्थ की क्राइम ब्रांच व मड़ियांव थाने की पुलिस नकली नोट छापने की जांच कर रही है।
इंस्टाग्राम के जरिए नोट करते थे एक्सचेंज
डीसीपी नॉर्थ की क्राइम ब्रांच व मड़ियांव थाने की पुलिस नकली नोट छापने गिरोह के बारें बताया कि ये लोग 20 हजार रुपये में एक लाख रुपये के जाली नोट देते थे। गिरोह के सभी सदस्य नोट बदलने का काम सोशल मीडिया के जरिये करते थे। गिरोह के सरगना ने दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, यूपी, हिमाचल, गुजरात और पश्चिम बंगाल में नेटवर्क फैला रखा है।
दो युवक निकले सरगना
लखनऊ पुलिस ने नकली नोट छापकर बेचने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते बताया कि 2 युवक नकली नोट छापने का गिरोह चला रहे थे। पुलिस के अनुसार दोनों शख्स दिल्ली व बाराबंकी के निवासी है। पुलिस के मुताबिक गिरोह का दिल्ली वाला सरगना पांच साल पहले इसी तरह के मामले में जेल जा चुका है।
पुलिस ने 3 लाख के जाली नोट किए बरामद
डीसीपी नॉर्थ की क्राइम ब्रांच व मड़ियांव थाने की पुलिस ने नकली नोट छापने वाले गिरोह के पास से तीन लाख के जाली नोट बरामद किया। आरोपी दिल्ली और कानपुर के रहने वाले हैं।
पांच लोग किए गए गिरफ्तार
मडियांव थाना पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम ने मुखबिर की सूचना पर घैला पुल के पास HONDA AMAZE गाड़ी से प्रतापगढ़ अंतू मौरहा निवासी विकास दुबे, इटौंजा नरायणपुर निवासी विकास सिंह और नई दिल्ली अलीपुर निवासी विकास भारद्वाज को गिरफ्तार किया है। इनकी निशान देही पर विभूतिखंड स्थित पार्क व्यूइन होटल से गोंडा कौड़िया बाजार निवासी रवि प्रकाश पांडेय और बाराबंकी कोठी निवासी उत्कर्ष द्विवेदी को गिरफ्तार किया गया। ये लोग नकली करेंसी छापकर असली के रूप में मार्केट में चलाने वाले अन्तर्जनपदीय गिरोह के सरगना समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनके पास से 3.20 लाख रुपये के नकली नोट, उन्हें छापने के उपकरण भी बरामद हुए हैं।
मिलती थी कमीशन
पकड़े गए आरोपी नकली नोट छापकर दिल्ली में बैठे कुछ लोगों तक पहुंचाते थे। मिली जानकारी के मुताबिक इन लोगों को एक लाख रुपये की नकली करेंसी पर करीब 20 हजार रुपये मिलते थे। पकड़े गए पांचो आरोपी लखनऊ के रहने वाले हैं, जिसमें विकास दुबे, विकास सिंह, विकास भारद्वाज, रवि प्रकाश और उत्कर्ष द्विवेदी यह सभी लोग काफी लंबे समय से लखनऊ में रहकर नकली नोटों का कारोबार कर रहे थे।
फैला हुआ था नेटवर्क
पुलिस ने इस मामले में अधिक जानकारी देते हुए बताया कि नकली नोट छापने और उन्हें बाजार में चलाने वालों में और भी लोग शामिल है। जिनकी तलाश की जा रही है। इनका नेटवर्क दिल्ली से लेकर झारखंड और बिहार के कई राज्यों में फैला हुआ है। इस गैंग में शामिल सभी शातिरों की तलाश की जा रही है। जल्द ही सभी को गिरफ्तार कर लिए जाएगा। वहीं जो नकली नोट मार्किट में फ़ैल चुके हैं उनको भी जल्द से जल्द रिकवर करने की कोशिश की जा रहो है।




