कानपुर में पुलिस की सक्रियता से गैंगवार टला, मुठभेड़ के बाद पिच्चा गैंग के दो शातिर गिरफ्तार

रिपोर्ट – सुहैल अंसारी
कानपुर, उत्तर प्रदेश : कानपुर में एक बार फिर से आपराधिक गतिविधियों के बीच कमिश्नरेट पुलिस की तत्परता और साहसिक कार्रवाई ने संभावित गैंगवार को टाल दिया। पुलिस ने बुधवार की रात मुठभेड़ के बाद पिच्चा गैंग के दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है।

कैसे टला गैंगवार
दरअसल, कुछ दिन पहले डी-2 गैंग के कुख्यात अपराधी शहीद पिच्चा को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद जेल भेजा था। इस कार्रवाई से नाराज उसके साथियों ने मुखबिरी के शक में सोमवार की रात सब्लू नामक युवक पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। गंभीर रूप से घायल सब्लू का इलाज फिलहाल अस्पताल में जारी है।

जांच में सामने आए नाम
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि इस वारदात के पीछे शहीद पिच्चा का करीबी और शातिर अपराधी युसूफ चटनी सक्रिय था। उसके इशारे पर ही हमले को अंजाम दिया गया था। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, सब्लू पर गोली चलाने वालों के नाम सामने आते गए।

मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तारी
बुधवार की रात पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी एक ठिकाने पर छिपे हैं। बिना देर किए पुलिस टीम ने घेराबंदी शुरू की, लेकिन आरोपियों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने आत्मरक्षा करते हुए फायरिंग की और कुछ ही देर बाद दो अपराधी घायल अवस्था में पकड़ लिए गए।

पहचान और कार्रवाई
घायल अपराधियों की पहचान जीशान कुरैशी और फैजल के रूप में हुई है। दोनों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है। पुलिस ने आवश्यक चिकित्सीय उपचार के बाद दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस अब फरार आरोपी युसूफ चटनी की तलाश में जुटी है और जल्द ही उसकी गिरफ्तारी की उम्मीद जताई जा रही है।

शहर में बढ़ी सुरक्षा सतर्कता
इस घटना के बाद पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में गश्त और निगरानी बढ़ा दी है ताकि किसी भी संभावित आपराधिक वारदात को समय रहते रोका जा सके।




