Census 2026 India : देश में जनगणना 2026 की शुरुआत, आज से पहला चरण शुरू, पूरी प्रक्रिया होगी डिजिटल
भारत में जनगणना 2026 का पहला चरण शुरू। 33 सवालों के जरिए जानकारी जुटेगी, पहली बार डिजिटल जनगणना और सेल्फ-एन्युमरेशन सुविधा।

Government Survey India : देश में आज, 1 अप्रैल 2026 से जनगणना का पहला चरण शुरू हो गया है। इस चरण में ‘मकान सूचीकरण और आवास गणना’ के तहत घरों और परिवारों से जुड़ी विस्तृत जानकारी एकत्र की जाएगी। इस बार जनगणना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह पूरी तरह डिजिटल होगी और इसमें पहली बार सेल्फ-एन्युमरेशन की सुविधा भी दी गई है।
30 सितंबर तक चलेगा पहला चरण
यह प्रक्रिया राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के तय कार्यक्रम के अनुसार 1 अप्रैल से 30 सितंबर तक चलेगी। गौरतलब है कि जनगणना 2021 में होनी थी, लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण इसे टाल दिया गया था। अब यह पूरी प्रक्रिया करीब एक साल तक चरणबद्ध तरीके से चलेगी।
33 सवालों के जरिए जुटाई जाएगी जानकारी
पहले चरण में 33 सवालों के जरिए मकान और परिवार से जुड़ी अहम जानकारियां जुटाई जाएंगी। जनगणनाकर्मी मकान संख्या, भवन निर्माण में उपयोग सामग्री, मकान की स्थिति और उपयोग जैसी जानकारी दर्ज करेंगे। इसके साथ ही परिवार के सदस्यों की संख्या, मुखिया का नाम और लिंग, सामाजिक वर्ग, घर का मालिकाना हक, कमरों की संख्या और विवाहित जोड़ों से जुड़ी जानकारी भी एकत्र की जाएगी।
घर की सुविधाओं और संपत्ति का भी होगा रिकॉर्ड
इसके अलावा घर में उपलब्ध सुविधाओं जैसे पीने का पानी, बिजली, शौचालय, रसोई, गैस कनेक्शन और अपशिष्ट निकासी से जुड़ी जानकारी भी ली जाएगी। साथ ही रेडियो, टीवी, इंटरनेट, मोबाइल, कंप्यूटर और वाहनों जैसी संपत्तियों का ब्योरा भी दर्ज किया जाएगा।
पहली बार सेल्फ-एन्युमरेशन की सुविधा
इस बार नागरिकों को सेल्फ-एन्युमरेशन का विकल्प दिया गया है, जिसके तहत वे घर बैठे वेब पोर्टल के जरिए अपनी जानकारी खुद भर सकते हैं। इसके लिए 15 दिनों का समय मिलेगा, जो घर-घर सर्वे शुरू होने से पहले निर्धारित किया जाएगा। नागरिक मोबाइल नंबर से लॉग-इन कर अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे और इसके बाद उन्हें 16 अंकों की सेल्फ-एन्युमरेशन आईडी (SE ID) मिलेगी, जिसे सत्यापन के दौरान गणनाकर्मी को दिखाना होगा।
16 भाषाओं में उपलब्ध होगी सुविधा
स्व-गणना की सुविधा 16 भाषाओं में उपलब्ध होगी। जानकारी जमा करने के बाद फील्ड विजिट के दौरान नागरिक उसमें सुधार भी कर सकेंगे। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जनगणना से जुड़ा डेटा पूरी तरह गोपनीय रहेगा और इसका उपयोग किसी कानूनी या सरकारी लाभ के लिए नहीं किया जाएगा।
स्वतंत्रता के बाद आठवीं जनगणना
स्वतंत्रता के बाद यह देश की आठवीं जनगणना है। पिछली बार जनगणना 2011 में कराई गई थी। इस पूरी प्रक्रिया का संचालन केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय के निर्देशों के तहत राज्य सरकारों की मशीनरी द्वारा किया जाएगा।




