राजस्थान से जुड़ा राम मंदिर अयोध्या का एक और रिश्ता, Shri Ram Stambh के जरिए होगा राम की महिमा का बखान

Rajasthan : Shri Ram Stambh : भगवान श्रीराम की जन्म भूमि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण कार्य प्रगति पर है। अगले साल जनवरी 2024 में पीएम मोदी की मौजूदगी में राम मंदिर का उद्घाटन किया जाएगा। वहीं अब ‘राम वन गमन मार्ग’ और भगवान श्रीराम से संबंधित 290 स्थानों पर ‘श्रीराम स्तंभ’ लगाए जाने का काम शुरु हो चुका है। इसके लिए रामायण में उल्लेखित भगवान श्रीराम के वनवास के दौरान पड़ने वाली जगहों के अनुसार स्थानों का चुनाव किया गया है। इन स्तंभों में रामकथा में शामिल प्रसंगों को लिखा गया है। इसी क्रम में पहला श्रीराम स्तंभ राजस्थान से अयोध्या के लिए रवाना हुआ है। बता दें कि इस ‘श्रीराम स्तंभ’ को अयोध्या में मणि पर्वत पर लगाया जाएगा।
गुलाबी बलुआ पत्थर से निर्मित यह स्तंभ राजस्थान से ट्रक पर लोड होकर निकल चुका है। रविवार को इसके अयोध्या पहुंचने की संभावना है, जहां वैदिक मंत्रोच्चारों के साथ पूजा-अर्चना करने के बाद इसकी स्थापना की जाएगी। बता दें कि राजस्थान के सिरोही जिले में ये स्तंभ बनाए जा रहे हैं।
इतना ऊंचा होगा स्तंभ

अयोध्या के पास ‘मणि पर्वत’ पर पहला श्रीराम स्तंभ लगाया जाएगा। जो कि 15 फीट ऊंचा होगा। अयोध्या लाने के लिए इसे इसे अलग-अलग हिस्सों में बांटा गया है। गुलाबी बलुई पत्थर से बने इन स्तंभों की चौड़ाई 3-4 फीट बताई जा रही है। जिस स्थान पर यह लगाया जाएगा, वहां भगवान श्री राम से जुड़े प्रसंग इस स्तंभ पर लिखे होंगे।
अशोक सिंहल फाउंडेशन की पहल
विहिप मीडिया प्रभारी शरद शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि श्रीराम स्तंभ अशोक सिंहल फाउंडेशन द्वारा लगवाया जा रहा है। इसके पीछे उद्देश्य यह है कि भगवान श्रीराम के चरण जिन-जिन स्थानों पर पड़े हैं, उनको एक नई पहचान मिले और वह पर्यटन का केंद्र बने।
फूल मालाओं से लोगों ने किया अभिनंदन
भगवान श्रीराम के इस स्तंभ को ले जाने वाले वाहन को रवाना करने से पूर्व रंग बिरंगे फूलों से सजाया गया। वहीं इसके गुजरने वाले कई मार्गों पर स्तंभ पर पुष्प वर्षा की गई। सड़क से गुजरते स्तंभों को देखने के लिए कई स्थानों पर लोगों की भारी भीड़ भी देखी गई। इस दौरान लोग जय-जय श्री राम के जयकारे भी लगाते दिखे।




