Bihar News : जनसंख्या नियंत्रण पर नीतीश का ‘ज्ञान’ उन्ही पर पड़ा उल्टा, अब कोर्ट पहुंच गया मामला, 25 नवंबर को होगी सुनवाई, जाने पूरा मामला ?

पटना : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ मुजफ्फरपुर के सीजेएम कोर्ट में परिवाद दायर किया गया है। सदन में दिये गये बयान को लेकर अधिवक्ता अनिल कुमार सिंह ने परिवाद दायर किया है। अनिल कुमार सिंह ने धारा 354डी, 504, 505, 509 आईपीसी और 67 आईटी एक्ट के तहत शिकायत दर्ज कराई है। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी पंकज कुमार लाल ने सुनवाई की तारीख 25 नवंबर दी है।
आख़िर क्या बोले नीतीश?
विधानसभा में बोलते हुए सीएम नीतीश कुमार ने सदन के अंदर मंगलवार को बताया कि उन्होंने कैसे बिहार में जनसंख्या नियंत्रण कर लिया। नीतीश कुमार ने कहा कि हमलोगों ने कहा कि जब पढ़ लेगी लड़की तो जो पुरूष है, जब शादी होती है तो रोज रात में उसके साथ…. है न। उसी में और पैदा हो जाता है। अगर लड़की पढ़ लेती है तो हमको मालूम है कि पुरूष… ठीक है. लेकिन लड़की कहेगी कि अंतिम में … बाहर कर दो। पुरूष… तो है लेकिन अब जनसंख्या घट रही है।
अपने बयान पर नीतीश कुमार ने मांगी माफी
नीतीश कुमार ने मंगलवार को विधानमंडल के दोनों सदनों में जनसंख्या नियंत्रण पर अपने बयान पर माफी मांगी है। बुधवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर मेरे बयान से किसी को ठेस पहुंची हो तो मैं हाथ जोड़कर माफी मांगता हूं। मैंने ये बयान किसी को ठेस पहुंचाने के लिए नहीं दिया, अगर किसी को ठेस पहुंची हो तो मैं उसके लिए माफी मांगता हूं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं अपने शब्द वापस लेता हूं। मेरा इरादा किसी को ठेस पहुंचाना नहीं था।
उन्होंने कहा कि मैं कह रहा था कि अगर लड़कियां साक्षर होंगी तो प्रजनन दर को कम किया जा सकता है। उन्होंने आगे कहा कि हमने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए समान रूप से काम किया है। उन्होंने आंकड़ों के जरिए यह भी कहा कि लड़कियों को पढ़ाने से बिहार में प्रजनन दर कम हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर मेरे बयान से किसी को ठेस पहुंची हो तो मैं अपने बयान के लिए माफी मांगता हूं, मैं अपने बयान की निंदा करता हूं।




