RapidX : चल पड़ी ‘नमो भारत’ रेल, गाजियाबाद में पीएम नरेंद्र मोदी ने देश की पहली RAPID रेल को दिखाई हरी झंडी

नई दिल्ली – Delhi-Meerut RRTS RapidX Train : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की पहली रैपिड रेल ‘नमो भारत’ का उद्घाटन किया है।

ये ट्रेन साहिबाबाद से दुहाई के बीच 17 किलोमीटर की दूरी तय करेगी। ट्रेन सुबह 6 बजे से रात 11 बजे तक चलेगी। ट्रेन 21 अक्टूबर यानी शनिवार से आम लोगों के लिए शुरू हो जाएगी।
संचालन से पहले होगी जांच

रैपिड रेल ‘नमो भारत’ 6 कोच की ट्रेन में 5 स्टैंडर्ड और एक प्रीमियम कोच होगा। ट्रेनों के रखरखाव और टेस्टिंग के लिए डिपो में 11 स्टेबलिंग लाइन, 2 वर्कशाप लाइन हैं। हर दिन के संचालन से पहले ट्रेन की पूरी फिटनेस जांच की जाएगी। जिसमें लॉकिंग पिन, हेडलाइट, फ्लैशर लाइट, इंडीकेटर के अलावा अग्निशमन यंत्रों की जांच शामिल हैं।
लोगों को मिलेगी सहूलियत

देश में क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) परियोजना पर काम किया जा रहा है। RRTS एक नई रेल-आधारित, सेमी हाईस्पीड, हाई फ्रीक्वेंसी वाली कम्यूटर ट्रांजिट प्रणाली है। इससे दिल्ली-एनसीआर के लोगों को क्षेत्र में निर्बाध रूप से यात्रा करने की सुविधा होगी।
मिलेंगी सुविधाएं
रैपिड रेल नमो भारत के दरवाजों को पीएसडी के साथ जोड़ा जाएगा। यात्रियों की सुरक्षित यात्रा के लिए ट्रेन अटेंडेंट नियुक्त की जाएगी। आखिरी कोच में व्हीलचेयर और स्ट्रेचर के लिए जगह मुहैया कराई जाएगी। प्रत्येक स्टेशन पर महिला शौचालय में बच्चों के लिए डायपर बदलने की भी जगह बनाई गई है। खोया-पाया केंद्र भी तैयार किया गया है।

वंदे भारत को देगी टक्कर

‘नमो भारत’ रैपिड रेल की सबसे खास बात ये है कि इस ट्रेन की स्पीड 160 किमी प्रति घंटा तक होगी। ये ट्रेन देश की सेमी हाईस्पीड ट्रेन वंदे भारत को भी स्पीड में टक्कर देगी। रैपिडएक्स में सेफ्टी की जिम्मेदारी आर्टिफिशल इंटेलिजेंस के तहत होगी। इन ट्रेनों में ओवरहेड सामान रैक, वाई-फाई, हर सीट में मोबाइल चार्जिंग की सुविधा भी दी गई है।
महिलाएं संभालेंगी इन ट्रेनों की कमान

इन आधुनिक हाई स्पीड, हाई-फ्रीक्वेंसी रैपिडएक्स ट्रेनों के संचालन में महिलाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। इस खंड के परिचालन में महिला कर्मचारियों की भागीदारी पुरुष कर्मचारियों से अधिक होगी। प्राथमिक खंड में रैपिडएक्स ट्रेनों के संचालनों के लिए नियुक्त ट्रेन संचालकों में पुरुष संचालकों की तुलना में महिला संचालकों की संख्या अधिक है। इसके अलावा, स्टेशन कंट्रोल, प्रबंधन, संचालन एवं रख-रखाव, ऑपरेशन कंट्रोल सेंटर, ट्रेन अटेंडेंट आदि के रूप में भी महिलाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।




