Jammu and Kashmir: 1000 करोड़ रुपये तक पहुंचा हस्तशिल्प निर्यात, जानिए क्या है इसके पीछे की खासियत ?

Jammu and Kashmir : प्रदेश के हस्तशिल्प और हथकरघा उत्पादों के निर्यात को प्रोत्साहित करने के लिए जम्मू कश्मीर की सरकार ने साल 2021 में निर्यात सब्सिडी का एलान किया था। इसी कड़ी में पिछले वित्तीय साल की तुलना में 2022-23 में जम्मू कश्मीर से हस्तशिल्प निर्यात (Handicraft Export) में 98 फीसदी की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। व्यापार से जुड़े लोगों का कहना है कि हस्तशिल्प निर्यात करीब 1000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
कारोबारियों ने सरकार का जताया आभार
उद्योग जगत के जानकारों का मानना है कि जम्मू कश्मीर से हस्तशिल्प निर्यात का दायरा मौजूदा आंकड़ों से कई ज्यादा है। इसमें बढ़ोतरी की और गुंजाइश है। कारोबारियों ने सरकार का आभार जताते हुए कहा कि इस हद तक निर्यात बढ़ना चमत्कार से कम नहीं है। क्योंकि ये ऐसे समय में हुआ है जब दुनिया मंदी, सीओवीआईडी और यूक्रेन-रूस युद्ध समेत कई समस्याओं से जूझ रही है।
युवा हस्तशिल्प उद्योग की ओर आकर्षित होंगे
व्यापारियों को लगता है कि व्यापार में उछाल आने से ज्यादा से ज्यादा युवा हस्तशिल्प उद्योग की ओर आकर्षित होंगे, जिससे विकास को बढ़ावा मिलेगा। अधिकारियों के मुताबिक जम्मू कश्मीर देश का इकलौता राज्य है, जिसके सभी 13 हस्तशिल्प आइटम क्यूआर कोडित या जीआई टैग वाले हैं। जानकारी के लिए बता दें कि, प्रदेश सरकार ने यह कदम बीते हस्तशिल्प और हथकरघा उत्पादों के निर्यात में आ रही कमी का संज्ञान लेते हुए उठाया था।




