Elvish Yadav Case : ‘एल्विश यादव सांप का जहर सप्लाई करनेवाली गैंग का है सरगना’, मेनका गांधी ने की गिरफ्तारी की मांग, जानिए कौन है एल्विश यादव?

Elvish Yadav Case : लोकप्रिय यूट्यूबर और बिग बॉस ओटीटी 2 के विजेता एल्विश यादव की मुसीबत बढ़ गई है। बीजेपी सांसद मेनका गांधी (Maneka Gandhi) ने एल्विश यादव को गिरफ्तार करने की मांग की है। उन्होंने पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि सांप लुप्तप्राय प्रजाति की श्रेणी में आते हैं। उन्होंने कहा कि अब नया ट्रेंड यूट्यूबर की तरफ से देखने को मिल रहा है। यूट्यूब पर लोकप्रयिता बटोरने के लिए गैर कानूनी तरीकों का इस्तेमाल करने से भी गुरेज नहीं करते। एल्विश यादव के खिलाफ रेव पार्टी में सांप का जहर सप्लाई करने पर मुकदमा दर्ज किया गया है। मेनका गांधी ने एल्विश यादव को नशे के लिए सांप का जहर सप्लाई करनेवाला सरगना बताया। उन्होंने कहा कि जहर जहर होता है।
यूट्यबूर एल्विश यादव अब तक क्यों नहीं हुआ गिरफ्तार ?

नशे में जहर के इस्तेमाल से लोगों की मौत तय है। उन्होंने पुलिस से जोर देकर एल्विश यादव को गिरफ्तार करने की मांग की। मेनका गांधी ने कहा कि एल्विश यादव के खिलाफ दूसरा मामला है। मेनका गांधी का एनजीओ ‘पीपल फॉर एनिमल्स’ (पीएफए) पशु संरक्षण का काम करता है। तस्करों के चंगुल से लुप्तप्राय जीवों को बचाने में नाकाम रहने पर मेनका गांधी ने चिंता जचाई। उन्होंने पुलिस और वन विभाग की भूमिका पर सवाल उठाए। बीजेपी सांसद ने कहा कि जीवों को बचाने में पुलिस और वन विभाग का नाकामियों एनजीओ को करना पड़ता है। उन्होंने कल की कार्रवाई पर पुलिस का धन्यवाद अदा किया।
बीजेपी सांसद मेनका गांधी ने पुलिस पर लगाए आरोप

बता दें कि नोएडा की पुलिस ने रेव पार्टी का भंडाफोड़ किया था। मौके से पांच लोगों की गिरफ्तारी के साथ नौ सांप बरामद किए गए। आरोपियों से पूछताछ में यूट्यूबर एल्विश यादव का का नाम सामने आया। नोएडा के सेक्टर-51 में बैंक्वेट हॉल पर पुलिस ने छापेमारी की। पुलिस ने कार्रवाई एनजीओ पीएफए की सूचना पर की। एनजीओ पीएफए की शिकायत पर पुलिस ने एल्विश यादव समेत छह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। एफआईआर में कहा गया कि एल्विश नामक यूट्यूबर दिल्ली एनसीआर के फॉर्म हाउस में रेव पार्टी आयोजित करता है। रेव पार्टी में यूट्यूब के लिए वीडियो भी बनाया जाता है।
कौन हैं एल्विश यादव?

एल्विश यादव एक चर्चित यूट्यूबर हैं। वे सोशल मीडिया पर काफ़ी लोकप्रिय हैं। यूट्यूब पर उनके 16 मिलियन फ़ॉलोअर हैं, तो इंस्टाग्राम पर उनके 13 मिलियन से ज़्यादा फ़ैन्स हैं। यूट्यूब पर एल्विश यादव के दो चैनल हैं। एक का नाम है एल्विश यादव और एक का नाम है एल्विश यादव व्लॉग्स। एल्विश यादव यूट्यूब पर फ़नी वीडियोज़ बनाते हैं। उनके रोस्टिंग वीडियोज़ भी काफ़ी लोकप्रिय हैं। अपनी हरियाणवी बोली और ख़ास अंदाज़ के कारण वे युवाओं में ख़ासे लोकप्रिय हैं। एल्विश गाने भी गाते हैं और एक्टिंग भी करते हैं, 14 सितंबर 1997 को हरियाणा के गुरुग्राम में जन्मे एल्विश यादव ने वर्ष 2016 में अपना यूट्यूब चैनल खोला था। एल्विश यादव ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से बीकॉम किया है। पहले एल्विश यादव का नाम सिद्धार्थ यादव था। लेकिन उनके बड़े भाई चाहते थे कि उनका नाम एल्विश यादव हो। अपने बड़े भाई की असामयिक मौत के बाद उन्होंने अपना नाम एल्विश यादव रख लिया। यूट्यूब ने एल्विश यादव को जल्द ही काफ़ी लोकप्रिय बना दिया। एल्विश कारों के बड़े शौकीन हैं और माना जाता है कि उनके पास कई लग्ज़री गाड़ियाँ हैं।
आरोपों पर क्या बोले एल्विश

एफ़आईआर दर्ज होने के बाद एल्विश यादव ने शुक्रवार को अपनी सफ़ाई पेश की। एल्विश यादव ने सोशल मीडिया पर शेयर किए वीडियो में कहा, “मैं सुबह उठा। मैंने देखा कि मेरे ख़िलाफ़ ख़बरें फैल रही हैं कि एल्विश यादव नशीले पदार्थों के साथ पकड़े गए हैं।” “मेरे ख़िलाफ़ जो ख़बरें फैल रही हैं, ये सारे आरोप फ़र्ज़ी, बेबुनियाद हैं। इनमें एक फीसदी भी सच्चाई नहीं है।” एल्विश यादव ने कहा, “यूपी पुलिस के साथ मैं पूरा सहयोग करने के लिए तैयार हूं। मैं यूपी पुलिस, प्रशासन, सीएम योगी आदित्यनाथ से अपील करूंगा कि अगर इसमें मैं प्वॉइंट 1 पर्सेंट भी शामिल मिलूं तो मैं सारी ज़िम्मेदारी लेने के लिए तैयार हूं।” “मीडिया से ये गुज़ारिश है कि जब तक ठोस सबूत ना मिल जाए तब तक मेरा नाम ख़राब ना करें। जितने भी इल्ज़ाम लगे हैं, इनसे मेरा कोई लेना-देना नहीं है।” वो बोले, “इन आरोपों से 100 मील तक मेरा कोई लेना-देना नहीं है।”




