
नई दिल्ली : देश में कोरोना वैक्सीन को लेकर फैल रही भ्रांतियों के बीच, भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) ने एक अहम बयान जारी किया है। परिषद ने स्पष्ट किया है कि कोविड-19 वैक्सीन और हार्ट अटैक के बीच कोई सीधा वैज्ञानिक संबंध नहीं पाया गया है।

यह स्पष्टीकरण स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा भी समर्थित है, जिसमें कहा गया है कि वैक्सीन को लेकर सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से फैलाए जा रहे दावे पूरी तरह निराधार और भ्रामक हैं।
वैज्ञानिक आधार पर जांच के बाद आया निर्णय
ICMR के अनुसार, हाल ही में वैक्सीन और हृदय संबंधी घटनाओं के बीच संभावित संबंध को लेकर कई रिपोर्टों की समीक्षा की गई थी और “अब तक के अध्ययन और आंकड़ों से यह साफ है कि वैक्सीन हृदयाघात (हार्ट अटैक) का कारण नहीं है,” परिषद ने अपने बयान में कहा।

लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील
परिषद और मंत्रालय, दोनों ने आमजन से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट खबरों से भ्रमित न हों।

इसके अलावा, उन्होंने यह भी कहा कि वैक्सीन सुरक्षित और प्रभावी है और इससे भारत में कोविड-19 की स्थिति को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण सफलता मिली है।

कोरोना वैक्सीन पर वैश्विक वैज्ञानिक सहमति
भारत ही नहीं, बल्कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और अन्य वैश्विक चिकित्सा संस्थानों ने भी कोरोना वैक्सीन को लेकर सुरक्षा और प्रभावशीलता की पुष्टि की है। ICMR ने यह भी दोहराया कि टीकाकरण से प्राप्त सुरक्षा लाभ, इससे जुड़ी किसी भी आशंका से कहीं अधिक हैं।




