चारा घोटाला मामले में CBI कोर्ट का बड़ा फैसला, 52 दोषियों को मिली सजा

नई दिल्ली – चारा घोटाले के डोरंडा कोषागार से जुड़े मामले में CBI की विशेष अदालत ने आज अपना फैसला सुना दिया है। CBI के विशेष न्यायाधीश विशाल श्रीवास्तव की अदालत ने इस फैसले को सुनाते हुए कुल 125 अरोपियों में से 35 आरोपियों को इस मामले में बरी कर दिया है। वहीं 52 दोषियों को 3 साल की सजा सुनाई गई है। जबकि अन्य आरोपियों पर अभी फैसला आना बाकी है।
CBI की विशेष अदालत ने सुनाया फैसला
दरअसल तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के कार्यकाल में चारा घोटाला मामला हुआ था। इस दौरान डोरंडा कोषागार से 36 करोड़ 59 लाख रुपए की अवैध तरीके से निकासी की गई थी। पैसों की निकासी वर्ष 1990 से 1995 के दौरान हुआ था। इसी मामले को लेकर आज CBI की विशेष अदालत के न्यायधीश विशाल श्रीवास्तव की अदालत में बहस पूरी होने बाद फैसला सुनाया गया है।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, संयुक्त बिहार के दौरान बहुचर्चित चारा घोटाला हुआ था। तब संयुक्त बिहार के मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव हुआ करते थे। इस दौरान डोरंडा कोषागार से 36 करोड़ 59 लाख रुपये की अवैध तरीके से निकासी हुई थी। यह निकासी साल 1990 से 1995 के दौरान हुआ था। इस मामले में सीबीआई की विशेष अदालत न्यायधीश विशाल श्रीवास्तव की अदालत में बहस पूरी हो चुकी है और अब आज फैसला हुआ।
27 सालों में 616 गवाहों को किया गया पेश
चारा घोटाले के डोरंडा कोषागार मामले में 27 साल तक लगातार चली सुनवाई के दौरान CBI के विशेष लोक अभियोजक रविशंकर ने इस मामले में कुल 616 गवाहों के बयान को दर्ज करवाया है। डोरंडा कोषागार मामले में तत्कालीन आपूर्तिकर्ता एवं पूर्व विधायक गुलशन लाल आजमानी सहित 125 आरोपी फिलहाल अभी केस के ट्रायल फेज से गुजर रहे हैं। इस केस के ट्रायल के दौरान अभी तक 62 आरोपियों का निधन हो चुका है। इस मामले में CBI ने कुल 192 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया था।
इस मामले में 16 महिलाएं भी हैं शामिल
डोरंडा कोषागार मामले के इन आरोपियों में से 38 लोक सेवक रहे हैं। जिनमें से 8 कोषागार पदाधिकारी हैं। इसके अलावा 86 आपूर्तिकर्ता भी इस मामले में आरोपी है. जबकि इन आरोपियों में 16 महिलाएं भी शामिल हैं। इन आरोपियों में सबसे ज्यादा उम्र के 90 वर्षीय तत्कालीन जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ गौरी शंकर प्रसाद भी सम्मिलित हैं। इनमें 12 से ज्यादा लोग ऐसे भी हैं जिनकी उम्र 80 वर्ष या उससे अधिक हैं।




