उत्तराखंड

Uttarakhand Earthquake : उत्तरकाशी में फिर हिली धरती, घरों से बाहर निकले लोग, जानिए क्यों आता है भूकंप?

Earthquake in Uttarakhand : उत्तराखंड  में आज फिर भूकंप (Earthquake) से धरती डोल उठी। प्रदेश के उत्तरकाशी जनपद में (Uttarkashi) बुधवार देर रात करीब 2.02 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। उस वक्त लोग गहरी नींद में सोये हुए थे। लेकिन कुछ लोगों को भूकंप का एहसास हुआ और जिला मुख्यालय सहित चिन्यालीसौड़ सिलक्यारा ब्रह्मखाल क्षेत्र में लोग अपने घरों से बाहर निकल गए। जानकारी के मुताबिक रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता  3.1 मापी गई।

किसी प्रकार का कोई नुकसान नहीं 

गनीमत ये रही है कि, इस मामले में किसी भी प्रकार के कोई नुकसान की खबर सामने नहीं आई है। बता दें कि, पिछले कुछ दिनों में इस इलाके में कई बार भूकंप के झटके महसूस हुए हैं, जिसे लेकर लोग परेशान है। इससे पहले उत्तरकाशी में 3 नवंबर को भी भूकंप आया था, उस समय इसका केंद्र नेपाल दर्ज किया गया था, वहां काफी नुकसान हुआ और कई लोगों की जान चल गई थी। इसके अलावा  5 अक्टूबर को  आए भूकंप का केंद्र उत्तरकाशी में ही दर्ज किया गया।

ठीक एक महीने पहले भी आया था भूकंप

आपको बता दें कि, ठीक एक महीने पहले यानी कि 16 अक्टूबर को भी उत्तराखंड  (Uttarakhand) में भूकंप (Earthquake) आया था। उस समय पिथौरागढ़ में झटके महसूस किए गए थे और इलाके में हड़कंप मच गया था। जानकारी के मुताबिक रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4.0 मापी गई थी। हालांकि किसी भी प्रकार के नुकसान की खबर सामने नहीं आई थी। राज्य में बार-बार आ रहे भूकंप की वजह से लोगों में डर का माहौल है और इसे लेकर लोग परेशान है।

भूकंप क्यों आता है और कैसे आता है?

धरती के नीचे मौजूद ये प्लेटें बेहद धीमी रफ्तार से घूमती रहती हैं। हर साल ये प्लेटें अपनी जगह से 4-5 मिमी खिसक जाती हैं। इस दौरान कोई प्लेट किसी से दूर हो जाती है तो कोई किसी के नीचे से खिसक जाती है। इसी दौरान प्लेटों के टकराने से भूकंप आता है।

पांच जोन में बांटा गया है भूकंप क्षेत्र

पूरे देश को भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने पांच भूकंप जोन में बांटा है। वहीं देश का 59 प्रतिशत हिस्सा भूकंप रिस्क जोन में है। भारत में पांचवें जोन को सबसे ज्यादा खतरनाक और सक्रिय माना जाता है। सबसे खतरनाक जोन में जम्मू और कश्मीर का हिस्सा (कश्मीर घाटी), हिमाचल प्रदेश का पश्चिमी हिस्सा, उत्तराखंड का पूर्वी हिस्सा, गुजरात में कच्छ का रण, उत्तरी बिहार का हिस्सा, भारत के सभी पूर्वोत्तर राज्य, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह आता है।

भूकंप आने पर क्‍या करें

भूकंप के झटके महसूस होने पर सबसे पहले तुरंत किसी सुरक्षित स्थान पर चले जाएं। अगर घर से बाहर नहीं निकल पा रहें तो किसी किसी मजबूत मेज या फर्नीचर के नीचे बैठ जाएं। घर के शीशे, खिड़कियां, दरवाजों से दूर रहें। अगर आप घर से बाहर हैं तो बिल्डिंग, पेड़, स्ट्रीट लाइट, बिजली/टेलीफोन आदि की तारों से दूर रहें। अगर आप भूकंप के दौरान किसी वाहन में हैं तो जितनी जल्दी संभव हो सुरक्षा के साथ गाड़ी रोकें और गाड़ी में ही रुके रहें। कार को बिल्डिंग, पेड़ों, ओवरपास, बिजली/टेलीफोन आदि की तारों के आसपास या नीचे रोकने से बचें।

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