Rajasthan: दो दिन में खर्च किए पांच करोड़, खरीदे 26 फ्लैट, जानिए कौन है वित्तीय सलाहकार ज्योति भारद्वाज

जयपुर – राजस्थान में भ्रष्टाचार पर नकेल कसने के दावे करने वाले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के सभी दावे फेल हो रहे हैं। ताजा मामला जयपुर सचिवालय में तैनात वित्तीय सलाहकार के बड़े भ्रष्टाचार से जुड़ा हुआ है। जहां महिला अधिकारी द्वारा आय से अधिक संपत्ति का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मामले के अनुसार जयपुर सचिवालय में वित्तीय सलाहकार के पद पर तैनात ज्योति भारद्वाज ने 2 दिन में ही पांच करोड़ रुपए कीमत के 26 फ्लैट खरीद डाले।
ज्योति भारद्वाज ने पिछले साल 26 फ्लैट खरीदे। वित्तीय अनियमितता और आय से अधिक संपत्ति के मामलों की जांच के लिए वित्त विभाग ने आदेश जारी किया है। ज्योति पर आरोप है कि उन्होंने पिछले साल दो दिन में करीब 5 करोड़ के फ्लैट खरीदे। इनमें से 15 की रजिस्ट्री भारद्वाज ने स्वयं के नाम और 11 की बेटे रोहन के नाम से करवाई है।
ज्योति भारद्वाज ने छिपाई इन फ्लैटों की जानकारी
फ्लैटों की रजिस्ट्री में ज्योति भारद्वाज ने जो चेक दिए। उन्हें आज डेढ़ साल बाद भी बैंक से कैश नहीं करवाया गया। सबसे बड़ी बात यह है कि अधिकारियों कर्मचारियों द्वारा राज्य सरकार को हर साल दिए जाने वाले अपने संपत्ति की जानकारी में भी ज्योति भारद्वाज ने इन फ्लैट्स का कहीं कोई जिक्र नहीं किया। इन फ्लैट्स की जानकारी छुपाई। सरकार को दिए विवरण में ज्योति भारद्वाज ने सिर्फ तीन मकान बताएं जिनमें एक मकान पति द्वारा लोन और दूसरे दो मकान पर खुद के लोन से लेना बताया गया।
सभी 26 प्लाटों की रजिस्ट्री जयपुर के मानसरोवर सब रजिस्ट्रार कार्यालय में हुई। बताया जा रहा है कि इन फ्लैटों की कीमत 4 करोड़ 71 लख रुपए है। फ्लैटों की रजिस्ट्री में स्टांप ड्यूटी के करीब 30 लख रुपए चुकाए गए।
कौन है ज्योति भारद्वाज ?

ज्योति भारद्वाज फिलहाल शासन सचिवालय जयपुर में कार्मिक विभाग के स्टोर डिपार्टमेंट में सामान खरीदने की प्रभारी अधिकारी के तौर पर वित्तीय सलाहकार के पद पर तैनात हैं। ज्योति भारद्वाज अलवर में भी लंबे समय तक जिला कोषाधिकारी और मत्स्य यूनिवर्सिटी में वित्तीय नियंत्रक के मलाईदार पद पर रह चुकी हैं।
मामला सामने आने के बाद विभाग में हड़कंप
मामला सामने आने के बाद शनिवार को अवकाश के बावजूद वित्त और लेखा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी इस विषय पर मंथन करने के लिए कार्यालय में बैठे दिखाई दिए। लेखा और कार्मिक विभाग इस बात की जांच कर रहा है कि सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की ओर से हर साल दिए जाने वाले संपत्ति के विवरण में महिला अधिकारी ज्योति भारद्वाज ने 26 फ्लैट को खरीदने की जानकारी क्यों नहीं दी। अब ज्योति भारद्वाज को विभाग द्वारा नोटिस देने की तैयारी की जा रही है मगर सवाल यह उठता है कि ज्योति भारद्वाज के खिलाफ अभी तक विभाग द्वारा कोई एफआई क्यों नहीं दर्ज करवाई गई।
लेखा और कार्मिक विभाग कर रहा जांच
लेखा और कार्मिक विभाग इस बात की जांच कर रहा है कि सरकारी अधिकारियों व कर्मचारियों की ओर से प्रतिवर्ष दिए जाने वाले संपत्ति के विवरण में भारद्वाज ने फ्लैट को खरीदने का उल्लेख क्यों नहीं किया। भारद्वाज को इस बारे में नोटिस देकर स्पष्टीकरण मांगने की तैयारी की जा रही है। शनिवार को अवकाश के बावजूद वित्त एवं लेखा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी इस विषय पर मंथन करने के लिए कार्यालय में बैठे।
ज्योति भारद्वाज का क्या है कहना?
इस मामले में आरोपित अधिकारी ज्योति भारद्वाज ने कहा कि अजय सिंह और मेरे पति अनुराग भारद्वाज के बीच व्यापारिक लेन-देन का मामला है। उसी में फ्लैट का सौदा हुआ है। इस बारे में अनुराग ही पूरी जानकारी दे सकेंगे। दोनों के बीच विवाद का मामला न्यायालय में भी चल रहा है।




