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UP Advocate Strike: यूपी में वकीलों की हड़ताल खत्म, योगी सरकार ने सभी मांगों को माना, हटाए जाएंगे हापुड़ के एडिशनल एसपी

लखनऊ – UP Advocate Strike: उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में वकीलों पर लाठीचार्ज के विरोध में राज्यभर में चल रही वकीलों की हड़ताल खत्म हो गई है। गुरुवार शाम यूपी बार काउंसिल और शासन के बीच बैठक में कई मामलों पर सहमति बनी। इसमें सरकार ने एडिशनल एसपी हापुड़ को हटाने, दोषी पुलिस कर्मियों को सस्पेंड करने, विभिन्न जिलों में अधिवक्ताओं पर दर्ज मुकदमे स्पंज करने समेत पांच सूत्री मांगों पर सहमति दी।

वहीं एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट पर कमेटी भी गठित होगी। बता दें कि इस बैठक में बार एसोसिएशन यूपी उपाध्यक्ष अनुराग पांडेय, अखिलेश अवस्थी, जानकी शरण पांडेय, प्रदीप कुमार सिंह, प्रशांत सिंह मौजूद रहे। वहीं सरकार के मांगे मानने के बाद अब यूपी के अधिवक्ता कल से काम पर लौटेंगे।

अधिवक्ताओं की हड़ताल वापस

दरअसल हापुड़ में पुलिस की लाठीचार्ज के बाद से पिछले 15 दिनों से पूरे प्रदेश में वकील हड़ताल कर रहे थे। यूपी बार काउंसिल ने उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव के साथ गुरुवार को सफल वार्ता के बाद हड़ताल वापस लेने का निर्णय किया। बार काउंसिल उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष शिव किशोर गौड़ ने बताया कि मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र के साथ सकारात्मक बातचीत हुई। उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान प्रदेशभर में वकीलों के खिलाफ जो मुकदमे दर्ज किए गए, उन्हें खत्म किए जाएंगे।

सरकार ने मांगों पर सहमति जताई
इसके अलावा उन्होंने बताया कि एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट को लेकर एक समिति बनाई गई है, जिसमें बार काउंसिल से भी एक प्रतिनिधि रहेंगे। सात ही एक निश्चित समय सीमा के भीतर इस अधिनियम संबंधी प्रस्ताव को पारित किया जाएगा। शिव किशोर गौड़ ने बताया कि दोषी पुलिस अधिकारियों के निलंबन और तबादले की मांग पर सरकार ने सहमति जताई है। उन्होंने कहा कि हमारी मांगे मान लिए जाने पर हम हड़ताल वापस ले रहे हैं।

गुरुवार को भी हड़ताल पर थे वकील

इससे पहले हापुड़ में अधिवक्ताओं पर पुलिस की ओर से किए गए लाठीचार्ज के विरोध में गुरुवार को पूरे प्रदेश में विरोध प्रदर्शन जारी रहा। इस दौरान वकीलों ने कई जिलों में विरोध जताया और पुतला भी फूंका। लखनऊ में वकीलों ने प्रदर्शन के लिए सभा की और इसके बाद बैरिकेडिंग तोड़ते हुए हजरतगंज की तरफ बढ़ चले, जहां पुलिसकर्मियों से उनकी तीखी नोकझोंक हुई।

क्या है वकीलों की हड़ताल के पीछे की कहानी?

पुलिस ने उन्हें समझा-बुझाकर वापस भेजा। लौटते समय रास्ते में वकीलों के एक झुंड ने मीडिया कर्मियों से अभद्रता की। गौरतलब है कि पुलिस ने कथित तौर पर 29 अगस्त को एक महिला अधिवक्ता और उसके पिता के खिलाफ पुलिस से झड़प के आरोप में मामला दर्ज किये जाने का विरोध कर रहे वकीलों पर लाठीचार्ज किया था। घटना के विरोध में प्रदेश के वकील 30 अगस्त से हड़ताल पर थे।

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