NCERT Book Controversy : कक्षा 8 की किताब में ‘न्यायपालिका में भ्रष्टाचार’ अध्याय पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, प्रकाशन पर रोक
SC ने विवादित चैप्टर हटाने का आदेश दिया, तीन विशेषज्ञों को भविष्य में सार्वजनिक फंड से जुड़े पाठ्यक्रम बनाने से प्रतिबंधित किया।

India Education System : देश की शिक्षा व्यवस्था से जुड़ा एक बड़ा विवाद सामने आया है। Supreme Court of India ने कक्षा 8 की NCERT की सोशल साइंस किताब में शामिल “न्यायपालिका में भ्रष्टाचार” से जुड़े अध्याय पर सख्त रुख अपनाया है।
सुप्रीम कोर्ट ने विवादित चैप्टर के प्रकाशन और प्रसार पर तुरंत रोक लगाने का आदेश दिया है।
तीन विशेषज्ञों पर भी लगा प्रतिबंध
इस मामले में कोर्ट ने किताब तैयार करने वाले तीन विशेषज्ञों—
- Michel Danino
- Suparna Diwakar
- Alok Prasanna Kumar
—को भविष्य में किसी भी सार्वजनिक फंड से जुड़े पाठ्यक्रम या टेक्स्टबुक तैयार करने से प्रतिबंधित कर दिया है।
न्यायपालिका की छवि पर असर की चिंता
सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि इस तरह की सामग्री छात्रों के बीच न्यायपालिका की छवि को नुकसान पहुंचा सकती है।
अदालत का मानना है कि शिक्षा से जुड़े पाठ्यक्रमों में संतुलित और तथ्यात्मक सामग्री होना बेहद जरूरी है।
केंद्र सरकार को दिए निर्देश
अदालत ने Government of India को निर्देश दिया है कि नए सिरे से लिखे जाने वाले चैप्टर को प्रकाशित करने से पहले विशेषज्ञों की समिति से मंजूरी लेना अनिवार्य होगा।
इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि भविष्य में ऐसी विवादित सामग्री पाठ्यक्रम में शामिल न हो।
NCERT ने किताब वापस ली, मांगी माफी
पूरे विवाद के बाद NCERT ने विवादित किताब को वापस लेने का फैसला किया है।
साथ ही परिषद ने इस मामले में बिना शर्त माफी भी मांगी है और कहा है कि संशोधित सामग्री विशेषज्ञों की सलाह के बाद ही प्रकाशित की जाएगी।




