Coffee Health Benefits : कॉफी सिर्फ दिमाग नहीं, पेट को भी रखती है दुरुस्त, कब्ज से दिलाती है राहत

Digestive System : ज्यादातर लोगों के लिए कॉफी सुबह की शुरुआत का अभिन्न हिस्सा है — दिमाग को जगाने, मूड को बेहतर बनाने और दिनभर ऊर्जा देने के लिए। लेकिन अब एक नई वैज्ञानिक रिसर्च ने खुलासा किया है कि कॉफी न सिर्फ दिमाग को एक्टिव करती है, बल्कि पाचन तंत्र को भी बेहतर बनाती है। अध्ययन में पाया गया कि कॉफी कब्ज से राहत देने में मददगार है और यह बड़ी आंत की गतिशीलता को प्राकृतिक रूप से बढ़ाती है।
कॉफी पीने वालों में 40% तक कम कब्ज की संभावना
नई स्टडी में 13,000 से ज्यादा लोगों को शामिल किया गया। नतीजे बताते हैं कि जो लोग रोजाना 1 से 3 कप कॉफी पीते हैं, उनमें कब्ज की समस्या 20–40% तक कम पाई गई। यह असर खासकर युवा और मिड-एज ग्रुप के लोगों में अधिक दिखा।
कैसे काम करती है कॉफी?
कॉफी में मौजूद कैफीन न सिर्फ दिमाग को जगाता है, बल्कि पाचन तंत्र का नेचुरल स्टिमुलेंट भी है।
यह बड़ी आंत (Colon) की गतिविधि बढ़ाता है — जिसे Peristalsis कहा जाता है — जो मल को आसानी से बाहर निकालने में मदद करती है।
🔹 काफीन युक्त कॉफी का असर पानी या डिकैफ (बिना कैफीन वाली) कॉफी की तुलना में कहीं ज्यादा तेज पाया गया।
🔹 इसका मतलब है कि कब्ज से राहत में कैफीन ही मुख्य भूमिका निभाता है।
बुजुर्गों पर कैफीन का असर क्यों कम होता है?
शोधकर्ताओं के अनुसार, उम्र बढ़ने के साथ शरीर की मेटाबॉलिक रेट कम हो जाती है और कैफीन का असर भी घटता है।
इसलिए बुजुर्गों को सिर्फ कॉफी पर निर्भर न रहकर अपने भोजन में —
- फाइबर युक्त आहार,
- पर्याप्त पानी,
- और हल्का व्यायाम शामिल करना चाहिए।
दिन में कितनी कॉफी पीना है सही?
एक्सपर्ट्स के मुताबिक —
- दिन में 1–2 कप कॉफी पर्याप्त है।
- इसे सुबह या खाने के बाद पीना सबसे अच्छा रहता है, क्योंकि यह Gastrocolic Reflex को सक्रिय करता है — यानी शरीर को प्राकृतिक रूप से मल त्याग के लिए तैयार करता है।
साथ ही, ध्यान रखें —
✅ कॉफी के साथ पर्याप्त पानी पिएं।
✅ भारी क्रीम या चीनी से बचें।
✅ ब्लैक या लो-फैट कॉफी को प्राथमिकता दें।
पॉलीफेनॉल्स से बढ़ते हैं ‘गट फ्रेंडली’ बैक्टीरिया
कैफीन के अलावा, कॉफी में मौजूद पॉलीफेनॉल्स और क्लोरोजेनिक एसिड जैसे तत्व गट माइक्रोबायोम को मजबूत करते हैं। ये अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाते हैं, जिससे पाचन सुधरता है और पेट साफ रखने में मदद मिलती है।
कॉफी सिर्फ जागने या मूड बनाने का जरिया नहीं, बल्कि पेट का नेचुरल क्लीनर भी है।
हालांकि, सीमित मात्रा में सेवन करना ही फायदेमंद है — क्योंकि ज्यादा कैफीन नींद, दिल की धड़कन और ब्लड प्रेशर को प्रभावित कर सकता है।
(Disclaimer: यहां दी गई सभी जानकारी सामान्य शोध, अध्ययनों पर आधारित है। republicnow.in इन जानकारियों की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी स्वास्थ्य, आहार या उपचार संबंधी सलाह पर अमल करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ या चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें।)




