
नई दिल्ली – Raghav Chadha Suspended : राज्यसभा सभापति जगदीप धनखड़ से बिना शर्त माफी मांगने के सुप्रीम कोर्ट के सुझाव के बाद AAP के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने सभापति से जल्द मिलने के लिए समय मांगा है। सुप्रीम कोर्ट ने राघव चड्ढा को राज्यसभा के सभापति से मिलने और प्रवर समिति विवाद पर उनसे बिना शर्त माफी मांगने को कहा है। भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली पीठ ने कहा कि राज्यसभा सभापति जगदीप धनखड़ राघव चड्ढा की माफी पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेंगे और आगे का रास्ता खोजने का प्रयास करेंगे। हमें लगता है कि इस मामले का सौहार्दपूर्वक समाधान हो जाएगा। राधव चड्ढा पर नियमों का उल्लंघन कर उनकी सहमति के बिना प्रवर समिति के गठन के लिए उनका नाम प्रस्तावित करने का पांच सांसदों ने आरोप लगाया गया था।
‘मुलाकात का माननीय सभापति से मांगा समय’
राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा “सुप्रीम कोर्ट का आदेश है कि मैं राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ से व्यक्तिगत रूप से मिलूं। इसको देखते हुए और अपने निलंबन को लेकर सभापति के साथ जल्द से जल्द बैठक करने के लिए मैंने समय मांगा है।”
‘सदन की गरिमा को प्रभावित करने का कोई इरादा नहीं’
मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने उम्मीद जताई कि राज्यसभा के सभापति इस मामले पर सहानुभूतिपूर्ण नजरिया अपनाएंगे। जजों की पीठ ने चड्ढा के वकील के बयान दर्ज किए कि सांसद का उस सदन की गरिमा को प्रभावित करने का कोई इरादा नहीं है, जिसके वह सदस्य हैं। वह राज्यसभा सभापति से मिलने का समय मांगेंगे ताकि वह बिना शर्त माफी मांग सकें। पीठ ने भारत के अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणी और सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से दिवाली की छुट्टियों के बाद मामले में हुए घटनाक्रम से उसे अवगत कराने को कहा है। चड्ढा को प्रवर समिति के लिए अपने नाम प्रस्तावित करने से पहले पांच राज्यसभा सदस्यों की सहमति नहीं लेने के कारण निलंबित कर दिया गया था।
‘उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ से मांगिए माफी’
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा “आपने बिना शर्त माफी की बात कही थी और बेहतर होगा कि आप राज्यसभा के चेयरमैन से अपॉइंटमेंट लेकर उनकी सुविधानुसार उनसे मिलें। आप उनके घर, दफ्तर या सदन में माफी मांग लें क्योंकि यह उपराष्ट्रपति और राज्यसभा सभापति की गरिमा का मामला है।
जानें क्या है पूरा मामला?
बीते दिनों अगस्त महीने में संसद सत्र के दौरान पांच सांसदों ने आरोप लगाया कि दिल्ली सेवा विधेयक पर प्रस्तावित चयन समिति में शामिल फर्जी हस्ताक्षर को उनकी सहमति किए बिना जोड़ा गया था। जिसके बाद राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने शिकायतों की जांच का ऐलान किया है। राज्यसभा में सदन के नेता पीयूष गोयल ने विशेषाधिकार समिति की ओर से रिपोर्ट पेश किए जाने तक आप के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को निलंबित करने का प्रस्ताव पेश किया था। पीयूष गोयल ने राघव चड्ढा पर नियमों का उल्लंघन कर बिना सहमति सदन की चयन समिति में कई सदस्यों का नाम शामिल करने का मुद्दा उठाया। जिसके बाद राघव चड्ढा को राज्यसभा से निलंबित कर दिया गया था।




