Jewar Airport : पीएम नरेंद्र मोदी करेंगे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन, ₹11,200 करोड़ की परियोजना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन करेंगे। ₹11,200 करोड़ की लागत से बने इस एयरपोर्ट से NCR की कनेक्टिविटी और रोजगार को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
PM Narendra Modi : ग्रेटर नोएडा के जेवर में स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट आज औपचारिक रूप से देश को समर्पित किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बहुप्रतीक्षित परियोजना के पहले चरण (फेज-1) का उद्घाटन करेंगे, जिसे उत्तर प्रदेश के विकास के लिए मील का पत्थर माना जा रहा है।
करीब ₹11,200 करोड़ की लागत से तैयार इस एयरपोर्ट को देश के सबसे बड़े ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट प्रोजेक्ट्स में शामिल किया जा रहा है। लंबे समय से निर्माणाधीन यह परियोजना अब अपने पहले चरण में संचालन के लिए तैयार है।
एयरपोर्ट की प्रमुख विशेषताएं
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को आधुनिक तकनीक और वैश्विक मानकों के अनुसार विकसित किया गया है।
इसमें यात्रियों की सुविधा के लिए अत्याधुनिक टर्मिनल, हाई-कैपेसिटी रनवे और डिजिटल सेवाओं की व्यवस्था की गई है।
पहले चरण में यह एयरपोर्ट लाखों यात्रियों की वार्षिक क्षमता के साथ शुरू होगा, जबकि आने वाले वर्षों में इसे कई चरणों में विस्तार दिया जाएगा।
NCR और उत्तर प्रदेश को क्या होगा फायदा
इस एयरपोर्ट के शुरू होने से दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में एयर ट्रैफिक का दबाव कम होगा, खासकर इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर।
इसके अलावा:
- ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में तेजी से विकास होगा
- निवेश के नए अवसर पैदा होंगे
- हजारों युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना है
- लॉजिस्टिक्स और कार्गो सेक्टर को मजबूती मिलेगी
फेज-1 की पूरी जानकारी
- कुल निवेश: ₹11,200 करोड़
- लोकेशन: जेवर, ग्रेटर नोएडा
- कैटेगरी: ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल एयरपोर्ट
- क्षमता: लाखों यात्रियों को संभालने की शुरुआती क्षमता
- भविष्य योजना: मल्टी-फेज विस्तार, एशिया के बड़े हब में शामिल करना
क्यों खास है यह प्रोजेक्ट
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट सिर्फ एक ट्रांसपोर्ट हब नहीं बल्कि एक आर्थिक इंजन के रूप में देखा जा रहा है।
यह प्रोजेक्ट उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक मजबूत कनेक्टिविटी नेटवर्क देगा।
आर्थिक और रणनीतिक महत्व
यह एयरपोर्ट भारत के एविएशन सेक्टर को नई दिशा देगा।
साथ ही, विदेशी निवेश, इंडस्ट्री और टूरिज्म को भी बड़ा फायदा होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में यह एयरपोर्ट दिल्ली-NCR का दूसरा प्रमुख इंटरनेशनल गेटवे बन सकता है।




