दिल्ली परिवहन विभाग ने लिया बड़ा फैसला, अब ऑटो रिक्शा में लगेगा GPS सिस्टम

नई दिल्ली, GPS Tracking in Auto Rickshaws : राष्ट्रीय राजधानी की सड़कों पर चलने वाले ऑटो में जीपीएस लगाने को लेकर अब परिवहन विभाग ने ऑटो मालिकों पर दबाव बनाना शुरू किया है। इससे संबंधित संदेश विभाग द्वारा भेजे जा रहे हैं। साथ ही ऐसा न करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी जा रही है।
परिवहन विभाग ने नोटिस भेजना शुरू किया
ज्ञात हो कि दिल्ली में 75 हजार ऑटो में बमुश्किल कुछ हजार ऑटो में ही जीपीएस की व्यवस्था है। वर्ष 2020 से सरकार ने किया था अनिवार्य लेकिन तभी कोरोना आ गया था, इसके साथ ही ऑटो चालकों ने इसके कई प्रविधानों को लेकर एतराज भी था। ऐसे में सरकार ने उस वक्त कड़ा रुख नहीं अपनाया, लेकिन अब फिर से सक्रिय होते हुए सरकार ने ऑटो चालकों को नोटिस भेजना शुरू किया है।
90 हजार से अधिक ऑटो चालकों को जांचने के आदेश जारी
अधिकारियों का कहना है कि शहर के 90,000 से अधिक ऑटो चालकों को यह जांचने के लिए कहा गया है कि क्या उनका जीपीएस सिस्टम सही से काम कर रहा है, यदि नहीं तो इसे बदल लें। वाहनों में जीपीएस के परीक्षण और प्रतिस्थापन का काम दिल्ली इंटीग्रेटेड मल्टी-मोडल ट्रांजिट सिस्टम (DIMTS) लिमिटेड कंपनी को सौंपा गया है। बता दे यह दिल्ली की क्लस्टर बस सेवा भी संचालित करता है।
क्या है DIMTS फिटनेस?
बता दें कि DIMTS फिटनेस प्रमाणपत्र देने की प्रक्रिया के दौरान नियमित रूप से सिस्टम की जाँच करता है. 5 साल से अधिक पुराने ऑटो-रिक्शा को हर 2 साल में फिटनेस प्रमाणपत्र प्राप्त करना होगा, जबकि पुराने ऑटो-रिक्शा को इसे नियमित रूप से प्राप्त करना होगा. हालाँकि, अधिकारियों ने कहा कि विभाग द्वारा पिछले 3 वर्षों में कोविड-19 महामारी के कारण ऐसा नहीं किया गया है।
आटो चालको को किया जा रहा जागरूक
परिवहन विभाग का नोटिस मिलने के बाद से ऑटो चालकों को जीपीएस के संबंध में जागरूक किया जा रहा है। उनसे आग्रह किया जा रहा है कि वह अपने ऑटो में लगे जीपीएस को एक्टिवेट कर लें।
असल में हर वर्ष ऑटो का फिटनेस टेस्ट होता है, जिसके लिए उसमें जीपीएस का सक्रिय होना अनिवार्य होता है। ऑटो चालक करते क्या है कि उस दौरान ही केवल अपना जीपीएस चालू करते हैं इसके बाद साल भर तक वह निष्क्रिय रहता है।




