ISRO प्रमुख Chandrayaan-3 की सफलता के बाद केरल के मंदिर पहुंचकर किए दर्शन

Chandrayaan3 की सफल लैडिंग के बाद देश से लगाकर विदेश तक लोग ISRO प्रमुख की तारीफ कर रहे है। भारत की बात करे तो Chandrayaan3 की सफल लैडिंग से पहले पूरे देश में लोग हवन पूजन कर रहे थे। यही नही कई लोगो ने मन्नते भी मांगी। इसी क्रम में ISRO प्रमुख भी शामिल हुए और उन्होंने Chandrayaan-3 की सफलता के बाद केरल के मंदिर दर्शन करने पहुंचे।
पूर्णमिकवु भद्रकाली मंदिर में पूजा की
आपको बता दे कि Chandrayaan3 की सफलता के बाद रविवार को इसरो प्रमुख सोमनाथ ने तिरुवनंतपुरम के पूर्णमिकवु भद्रकाली मंदिर पंहुचे और उन्होने वहॉ पूजा की। उन्होंने इस दौरान पत्रकारों से बात की और कहा कि भारत के पास चंद्रमा, मंगल और शुक्र की यात्रा करने की क्षमता है। लेकिन हमें अपना आत्मविश्वास बढ़ाने की जरूरत है।
साथ ही उन्होंने कही ये बात

- भारत को सिर्फ आत्मविश्वास बढ़ाने की जरूरत है।
- भारत के पास चंद्रमा, मंगल और शुक्र की यात्रा करने की क्षमता है।
- वह विश्वास बढ़ाकर हर ग्रह की यात्रा कर सकता है।
- उन्होंने कहा कि मैं एक खोजकर्ता हूं।
- मैं चंद्रमा का अन्वेषण करता हूं।
- विज्ञान और आध्यात्मिकता दोनों की खोज करना मेरे जीवन की यात्रा का एक हिस्सा है।
- मैं कई मंदिरों में जाता हूं और कई धर्मग्रंथ पढ़ता हूं।
सबकुछ बहुत अच्छे से काम कर रहा
Chandrayaan-3 की सफलता के बाद इसरो के चेयरमैन एस सोमनाथ ने कहा कि सबकुछ बहुत अच्छे से काम कर रहा है। चंद्रयान-3, लैंडर, रोवर ठीक हैं। बोर्ड पर सभी पांच उपकरण चालू कर दिए गए हैं और यह अब डाटा दे रहा है। उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि आने आने वाले दिनों में हम सभी प्रयोगों को पूरा करने में सक्षम होंगे। अलग-अलग चरण हैं। जिनके लिए इसका परीक्षण किया जाना है।
टचडाउन पॉइंट को ‘शिव शक्ति’

Chandrayaan-3 के टचडाउन पॉइंट को ‘शिव शक्ति’ कहे जाने पर इसरो के चेयरमैन एस सोमनाथ ने कहा कि पीएम ने इसका अर्थ उस तरीके से बताया जो हम सभी के लिए उपयुक्त है। मुझे लगता है कि इसमें कुछ भी गलत नहीं है। उन्होंने कहा कि देखिए, हम जो कर रहे हैं उसका एक महत्व होना चाहिए और देश के प्रधानमंत्री होने के नाते यह नाम रखने का उनका विशेषाधिकार है।




