
नई दिल्ली :- जमीन के बदले रेलवे में नौकरी प्रकरण में अब केंद्रीय जांच एजेंसी उन सभी कर्मचारियों से पूछताछ करेगी, जिन्होंने अपनी जमीन देकर रेलवे में नौकरी प्राप्त की।
फिलहाल सीबीआई ने दानापुर (पटना) डिवीजन में तैनात छह कर्मचारियों के नाम नोटिस भेजा है। सीबीआई के नोटिस के बाद दानापुर डिवीजन की ओर से संबंधित कर्मचारियों को अलग से भी नोटिस भेजा गया है।
समूह घ के कर्मचारी हैं सभी
सीबीआई के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जमीन के बदले नौकरी प्रकरण में रेलवे के जिन कर्मचारियों को पूछताछ के लिए नोटिस दिया गया है, वह सभी समूह घ के कर्मचारी हैं।
इन छह लोगों ने मामूली रकम लेकर लालू प्रसाद और उनके परिवार के नाम अपनी जमीन लिखी थी। नोटिस जिन कर्मचारियों को भेजा गया है, उनमें अजय कुमार राय, सुमित कुमार, अमित कुमार राय, अशोक कुमार राय, अमित कुमार और हरिनाथ राय शामिल हैं।
सीबीआई ने पूछताछ के लिए अलग-अलग दिन बुलाया
सूत्रों ने बताया कि पूछताछ के लिए जिन्हें बुलाया गया है, उनमें तीन पटना जंक्शन, एक आरा जंक्शन, एक झाझा और एक बिहटा में पदस्थापित हैं।
इन कर्मचारियों को 14 से 30 अगस्त के बीच अलग-अलग तिथियों पर बुलाया गया है। सभी को मूल प्रमाण पत्रों के साथ संबंधित तिथि पर सीबीआई कार्यालय में उपस्थित होना पड़ेगा।
क्या है जमीन के बदले नौकरी घोटाला?
बिहार का चर्चित जमीन के बदले नौकरी घोटाला रेलवे भर्ती से संबंधित है। इस मामले में लालू प्रसाद यादव के खिलाफ 2004-2009 तक UPA सरकार में रेलमंत्री रहते हुए जमीन के बदले नौकरी देने का आरोप लगाया गया है।
आरोप है कि लालू ने नौकरी देने के बदले अपने और अपने परिवार के सदस्यों के नाम जमीन लिखवाई थी। सीबीआई ने मामले में लालू के साथ उनके परिवार पर भी केस दर्ज किया है।
विज्ञापन जारी किए बिना ही नौकरी दी
आरोप है कि तत्कालीन रेलमंत्री लालू प्रसाद यादव ने बिना विज्ञापन जारी किए ही रेलवे में ग्रुप-डी की नौकरी के लिए कई लोगों की भर्ती की थी।
इस मामले में यह बात भी सामने आई है कि जिन अभ्यर्थियों का बिना विज्ञापन जारी किए चयन हुआ, उन्हें नौकरी के बदले जमीन देनी पड़ी थी। यह बात भी सामने आई कि कई लोगों को आवेदन देने के 3 दिन के अंदर ही नौकरी दे दी गई थी।




